नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लगभग 49 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बेहद सौगात भरा हो सकता है। चर्चा है कि सरकार आगामी चुनावी समीकरणों के मद्देनजर जल्द ही आठवें वेतन आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण कदम उठा सकती है। इस नए वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों के न्यूनतम मूल वेतन में भारी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
न्यूनतम मूल वेतन में संभावित उछाल:
यदि सरकार 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 36,000 रुपये हो सकता है।
किसे मिलेगा लाभ:
इस बदलाव से देश भर के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रभावी तिथि और एरियर:
जानकारों के अनुसार, नए वेतनमान के लिए प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 तय होने की संभावना है, जिससे सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों को एरियर मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर और वेतन का गणित
फिटमेंट फैक्टर वह गणितीय आधार है, जिसका उपयोग पुरानी वेतन संरचना को नई संरचना में बदलने के लिए किया जाता है।.
सातवें वेतन आयोग के दौरान 2.57 का फिटमेंट फैक्टर इस्तेमाल किया गया था, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।आठवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 या उससे अधिक तक होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
मूल वेतन दोगुना होने का अर्थ यह नहीं है कि कुल सकल वेतन (Gross Salary) भी स्वतः दोगुना हो जाएगा। नए वेतन आयोग के लागू होते ही भत्तों में बदलाव होता है और मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) शून्य होकर नए ढांचे में समाहित हो जाता है।
पेंशन और भत्तों पर असर
फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सीधा प्रभाव कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य, मासिक पेंशन और विभिन्न भत्तों पर पड़ेगा। हालांकि, विभिन्न अनुमानों और चर्चाओं के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सिफारिश या पुष्टि जारी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि सरकार इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर सकती है।


