मख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से राज्य के प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, नवाचार, शहरी विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
🔷 राज्य पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर वेतनमान
वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने हेतु मंत्रिपरिषद ने 30 नए सांख्येतर पद सृजित करने का निर्णय लिया। इससे सेवा प्रबंधन में कुशलता आएगी।
🔷 PanIIT के साथ संयुक्त उपक्रम – आदिवासी और वंचित वर्गों के लिए नई पहल
राज्य शासन और PanIIT एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के बीच गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी दी गई।
- युवाओं, महिलाओं और तृतीय लिंग समुदाय को कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ा जाएगा।
- अप्रयुक्त योजनागत निधि का उपयोग कर आजीविका संवर्धन किया जाएगा।
- विदेशी भाषा प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
🔷 पुराने वाहनों पर सख्ती और फैंसी नंबर के उपयोग में राहत
- सड़क सुरक्षा और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 में संशोधन को स्वीकृति।
- पुराने वाहन के फैंसी नंबर को नए वाहन में उपयोग की अनुमति मिलेगी, आवश्यक शुल्क के साथ। शासकीय वाहनों को शुल्क से छूट।
🔷 निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव पारित
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक 2025 के प्रारूप को स्वीकृति दी गई।
🔷 छात्र स्टार्ट-अप एवं नवाचार नीति लागू
- 50 हजार छात्रों तक पहुंच
- 500 प्रोटोटाइप्स और 150 स्टार्टअप्स को समर्थन
- नवाचार केंद्रों की स्थापना विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में
- कृषि, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में प्रोत्साहन
- बौद्धिक संपदा जागरूकता और पेटेंट फाइलिंग को बढ़ावा
🔷 कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक 2025 के प्रारूप को कैबिनेट ने अनुमोदित किया।
🔷 राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना
- रायपुर, दुर्ग-भिलाई और अटल नगर क्षेत्र में योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास के लिए प्राधिकरण गठित होगा।
- 2031 तक अनुमानित 50 लाख जनसंख्या को ध्यान में रखकर भूमि उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और समन्वित निवेश पर काम होगा।
🔷 GST अधिनियम में संशोधन
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी मिली, जिससे इनपुट सेवा वितरकों से जुड़ी प्रक्रियाएं सरल होंगी।
🔷 बकाया कर विवाद निपटान विधेयक
- छोटे-मध्यम व्यापारियों को राहत देने हेतु छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति निपटान (संशोधन) विधेयक पारित।
- लंबित कर मामलों के शीघ्र निपटान का रास्ता साफ।
🔷 भू-राजस्व संहिता में संशोधन – जमीनी विवादों और प्लाटिंग पर नियंत्रण
- अवैध प्लाटिंग पर रोक
- नामांतरण प्रक्रिया सरल
- जियो-रेफरेंस मैप से विवाद में कमी
- औद्योगिक और आवासीय विकास को प्रोत्साहन
🔷 पत्रकारिता विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव पारित
छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम 2004 में संशोधन के लिए विधेयक के प्रारूप को स्वीकृति दी गई।इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, युवाओं के भविष्य, आदिवासी विकास, रोजगार, पर्यावरण सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता को लेकर प्रतिबद्ध है।