77वां गणतंत्र दिवस: गांव-गांव और शहर-शहर शान से लहराएगा तिरंगा
नई दिल्ली:
26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाला 77वां गणतंत्र दिवस समारोह इस बार कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बनेगा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने, भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भारत की झलक इस परेड का मुख्य आकर्षण होगी।
इस अवसर पर देश की उपलब्धियों को दर्शाने के लिए कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तथा 13 झांकियां मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी।
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वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत होंगे मुख्य विषय
गणतंत्र दिवस परेड की झांकियां इस बार
‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और
‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’
जैसे व्यापक विषयों पर आधारित होंगी। इनमें वंदे मातरम के 150 वर्षों की यात्रा, भारत की तेज आर्थिक प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा।
पद्म से परम विशिष्ट सेवा तक: गणतंत्र दिवस 2026 पर देश के शूरवीरों और विभूतियों को सम्मान
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां (17)
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असम: ‘आशिरकंडी’ शिल्प गांव की पारंपरिक कला
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छत्तीसगढ़: स्वतंत्रता के मंत्र के रूप में वंदे मातरम
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गुजरात: वंदे मातरम और राष्ट्रभक्ति की भावना
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हिमाचल प्रदेश: देवभूमि के साथ वीरभूमि की पहचान
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जम्मू-कश्मीर: हस्तशिल्प और लोक नृत्य
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केरल: वॉटर मेट्रो और 100% डिजिटल राज्य की उपलब्धि
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महाराष्ट्र: गणेशोत्सव के जरिए आत्मनिर्भरता का संदेश
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मणिपुर: ‘समृद्धि की ओर’—स्थानीय उत्पादों की वैश्विक यात्रा
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नगालैंड: हॉर्नबिल महोत्सव, संस्कृति और पर्यटन
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ओडिशा: ‘मिट्टी से सिलिकॉन तक’—परंपरा और नवाचार
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पुदुचेरी: शिल्प कला, सांस्कृतिक विरासत और ऑरोविल
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राजस्थान: ऊंट की खाल और स्वर्ण कलाकृतियां
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तमिलनाडु: इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र के रूप में उभरता राज्य
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उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की समृद्ध संस्कृति
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पश्चिम बंगाल: स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की भूमिका
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मध्य प्रदेश: लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन
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पंजाब: श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस
गणतंत्र दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संदेश, एकता-समावेश और आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर
मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां (13)
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वायुसेना: पूर्व सैनिकों के योगदान पर आधारित वेटरन झांकी
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नौसेना: ‘समुद्र से समृद्धि’—समुद्री शक्ति का महत्व
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सैन्य मामलों का विभाग: ऑपरेशन सिंदूर और संयुक्त विजय
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संस्कृति मंत्रालय: वंदे मातरम—एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार
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स्कूल शिक्षा विभाग: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की प्रगति
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आयुष मंत्रालय: ‘आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र’
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गृह मंत्रालय: तीन नए कानूनों के तहत जन-केंद्रित न्याय प्रणाली
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आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय: वंदे मातरम के 150 वर्ष पर पुष्प चित्र
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय: ‘भारत कथा’—श्रुति, कृति और दृष्टि
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पंचायती राज मंत्रालय: स्वामित्व योजना से आत्मनिर्भर पंचायत
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विद्युत मंत्रालय: ‘प्रकाश गंगा’—विकसित भारत को ऊर्जा
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कौशल विकास मंत्रालय: कौशल आधारित आत्मनिर्भर भारत
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह भारत की गौरवशाली विरासत, सैन्य पराक्रम और आत्मनिर्भर भविष्य की भव्य तस्वीर पेश करेगा।
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