नई दिल्ली
कांग्रेस ने केंद्र सरकार के नए ग्रामीण रोजगार कानून वीबी जी राम जी के खिलाफ बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। पार्टी का आरोप है कि यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को खत्म करने की साजिश है, जिससे करोड़ों गरीब और ग्रामीण मजदूरों का अधिकार छिन जाएगा।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि बुधवार को हर जिले के मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा है कि इन प्रदर्शनों में महात्मा गांधी की तस्वीरें अनिवार्य रूप से रखी जाएं, ताकि गांधीजी के नाम और मूल्यों को मिटाने के प्रयासों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया जा सके।
अपने पत्र में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह केवल एक कानून में बदलाव नहीं है, बल्कि मजदूरों के अधिकार, संघीय ढांचे और गांधीजी की विरासत पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा और आरएसएस की सोची समझी रणनीति है, जिसका उद्देश्य अधिकार आधारित कल्याणकारी योजनाओं को समाप्त कर उन्हें केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली व्यवस्था में बदलना है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण के लिए विकसित भारत गारंटी वीबी जी आरएएम जी विधेयक 2025 पेश किए जाने का भी जोरदार विरोध किया। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिक भी है। उन्होंने घोषणा की कि 28 दिसंबर को कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर हर ब्लॉक और गांव में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रम की गरिमा, सामाजिक न्याय और काम के अधिकार के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस मनरेगा, गांधीजी की विरासत और गरीबों के लिए संविधान द्वारा दिए गए न्याय के वादे की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि मनरेगा को कमजोर करने का कोई भी प्रयास देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के हितों पर सीधा प्रहार है।

