छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में ‘बार कल्चर’ और आउटडोर डाइनिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और आबकारी विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले चार वर्षों में प्रदेश के होटलों, क्लबों और रेस्टोरेंट्स को जारी किए गए शराब लाइसेंस की संख्या में 23 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में जहाँ कुल लाइसेंसों की संख्या 165 थी, वहीं 12 जनवरी 2026 तक यह बढ़कर 203 हो गई है। साझा किए गए दस्तावेजों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक मांग होटल लाइसेंस (एफ.एल. 3) की देखी गई है और पिछले चार सालों में होटल बार की संख्या 124 से बढ़कर 139 तक पहुँच गई है जो राज्य में पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार का सीधा संकेत देती है।
लाइसेंस वितरण के सालाना आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि निवेशकों का रुझान होटल और रेस्टोरेंट बार की ओर तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में 139 होटलों के पास शराब परोसने का वैध लाइसेंस उपलब्ध है जबकि रेस्टोरेंट और क्लब श्रेणी (एफ.एल. 4-क) में भी लाइसेंस की संख्या 29 से बढ़कर 32 हो गई है। एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि वर्ष 2022-23 में एफ.एल. 2 (क) श्रेणी में एक भी लाइसेंस मौजूद नहीं था लेकिन अब इस श्रेणी में भी 13 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं जो नई श्रेणियों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
आबकारी विभाग के ये आंकड़े प्रमाणित करते हैं कि केवल राजधानी रायपुर या दुर्ग ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी प्रीमियम डाइनिंग और क्लब सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। एफ.एल. 3 (ख) और एफ.एल. 3 (ग) जैसी विशेष श्रेणियों में भी नए लाइसेंसों का जुड़ना यह स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार आबकारी राजस्व को सुव्यवस्थित करने और शहरी नाइटलाइफ़ को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय है। शहरी युवाओं और बाहरी पर्यटकों के बीच बढ़ती इस संस्कृति ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया में आई इस तेजी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

