छत्तीसगढ़: डिजिटल राशन प्रणाली की बढ़ी रफ्तार, 23 लाख सदस्यों का ई-केवाईसी अब भी अधूरा
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ और ई-केवाईसी अभियान पर जोर दे रही है। विधानसभा में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में फरवरी 2022 से प्रभावी ढंग से लागू की गई पोर्टेबिलिटी सुविधा का लाभ अब लाखों कार्डधारी उठा रहे हैं।
वर्तमान में राज्य की ऑनलाइन संचालित उचित मूल्य दुकानों से जुड़े लगभग 54.71 लाख एनएफएसए राशनकार्डधारी इस सुविधा का उपयोग करने में सक्षम हैं। योजना की सफलता का प्रमाण इसी बात से मिलता है कि जनवरी 2026 में ही छत्तीसगढ़ के 114 राशनकार्डधारियों ने दूसरे राज्यों में प्रवास के दौरान आधार प्रमाणीकरण के जरिए अपना राशन प्राप्त किया है।
योजना की व्यापकता के बावजूद इंटरनेट कनेक्टिविटी राज्य में एक बड़ी बाधा बनी हुई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश की 762 उचित मूल्य दुकानें ऑफलाइन मोड में संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 2.79 लाख राशनकार्डधारी फिलहाल पोर्टेबिलिटी की सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सरकार इन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। प्रवासी मजदूरों को जागरूक करने के उद्देश्य से सभी श्रेणियों के राशन कार्डों पर योजना के लाभों की जानकारी मुद्रित की गई है और जिला स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, राशन कार्डों के शुद्धिकरण के लिए चलाए जा रहे ई-केवाईसी अभियान की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। 25 फरवरी 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में राशन कार्ड से जुड़े 23,08,665 सदस्यों का सत्यापन अब तक लंबित है। राज्य के कुल 2.73 करोड़ पंजीकृत सदस्यों में से केवल 2.50 करोड़ लोगों ने ही अपना ई-केवाईसी पूर्ण कराया है। जिलों की स्थिति देखें तो राजधानी रायपुर इस सूची में सबसे ऊपर है, जहाँ 2.29 लाख से अधिक सदस्यों का सत्यापन शेष है। इसके बाद बिलासपुर में 1.57 लाख और दुर्ग में 1.34 लाख सदस्यों का ई-केवाईसी होना अभी बाकी है।
खाद्य विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने और अपात्रों की पहचान करने के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया अनिवार्य है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि जिन सदस्यों का सत्यापन अब तक अधूरा है, वे अपनी उचित मूल्य की दुकान पर जाकर इसे तुरंत पूरा कराएं। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित सदस्यों को भविष्य में मिलने वाले राशन से वंचित होना पड़ सकता है।

