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भारत सरकार के महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ (हर घर जल) ने ग्रामीण भारत में एक बड़ी सफलता हासिल की है। देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस मिशन के तहत अब तक 15.82 करोड़ से अधिक परिवारों तक नल से जल आपूर्ति पहुंचाई जा चुकी है। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने यह जानकारी दी है।
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मिशन की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी। उस समय देश में केवल 3.23 करोड़ यानी लगभग 16.7 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास ही नल से जल कनेक्शन उपलब्ध था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय साझेदारी के कारण इस स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया है। 3 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, मिशन के अंतर्गत 12.58 करोड़ से अधिक नए ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। वर्तमान में देश के कुल 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से लगभग 81.71 प्रतिशत परिवारों के घरों में नल से जल आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध है।
पेयजल आपूर्ति राज्य का विषय है, इसलिए इस मिशन के तहत योजनाओं की योजना बनाना, अनुमोदन, क्रियान्वयन और रखरखाव की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है। भारत सरकार इसमें तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर सहयोग करती है। इस मिशन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आंकड़ों को सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है। कोई भी व्यक्ति जेजेएम डैशबोर्ड (https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx) पर जाकर राज्य, जिला और गांव के स्तर पर प्रगति की स्थिति देख सकता है।
जल जीवन मिशन ने कवरेज के मामले में एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण अपनाया है। मिशन के तहत धन आवंटन करते समय कठिन भौगोलिक क्षेत्रों, विशेषकर डेजर्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम (डीडीपी) और ड्रॉट प्रोन एरिया प्रोग्राम (डीपीएपी) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को 30 प्रतिशत का विशेष महत्व दिया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को 10 प्रतिशत महत्व दिया गया है ताकि प्राथमिकता के आधार पर इन क्षेत्रों में भी जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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सरकार ने केवल नल कनेक्शन देने तक ही सीमित न रहकर जल स्रोतों के विकास, सुदृढ़ीकरण और वितरण प्रणाली के लिए मजबूत अवसंरचना विकसित करने पर भी जोर दिया है। जल की कमी वाले और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में, जहां भूजल के भरोसेमंद स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, वहां सरकार द्वारा विशेष शोधन और आपूर्ति प्रणाली तैयार की जा रही है। जल जीवन मिशन के इन प्रयासों से न केवल ग्रामीण भारत के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के लिए पानी ढोने की मशक्कत भी कम हो रही है।
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