रायपुर | 29 मई 2026
छत्तीसगढ़ में शासकीय राशि का गबन, गंभीर वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब रिटायरमेंट के बाद भी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। छत्तीसगढ़ लोक आयोग के सुझाव पर सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में सख्त दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ लोक आयोग ने राज्य सरकार के सामने यह चिंता जताई थी कि कई मामलों में गंभीर शिकायतों की विभागीय जांच को जानबूझकर लंबा खींचा जाता है, जिसके कारण आरोपी अधिकारी जांच लंबित रहने के दौरान ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इसके बाद विभाग अक्सर तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए केस को बंद कर देते हैं कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के तहत सेवानिवृत्ति से चार वर्ष पहले की घटनाओं पर नई विभागीय जांच शुरू नहीं की जा सकती। इस तकनीकी खामी का फायदा उठाकर दोषी अफसर आसानी से बच निकलते थे और सरकारी धन की वसूली भी नहीं हो पाती थी, जिससे कुप्रशासन को बढ़ावा मिल रहा था।
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इस विसंगति को दूर करने के लिए लोक आयोग ने स्पष्ट किया है कि भले ही पुरानी घटनाओं पर नई विभागीय जांच की तकनीकी सीमा हो, लेकिन नियमों में दोषियों को सजा देने के अन्य प्रभावी प्रावधान पहले से मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 8 और नियम 9 के तहत गंभीर मामलों में दोषी पाए जाने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने अथवा उसे पूरी तरह वापस लेने का विशेषाधिकार राज्यपाल के पास सुरक्षित है। इसके साथ ही, सरकारी खजाने को पहुंचाए गए आर्थिक नुकसान की शत-प्रतिशत वसूली और समायोजन के लिए इसी पेंशन नियम के नियम 65 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद अब उन अधिकारियों पर तत्काल गाज गिरेगी जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या होने वाले हैं और जिन पर गंभीर आरोप हैं। ऐसे मामलों में विभाग अब राज्यपाल से अनुमति लेकर तुरंत पेंशन रोकने और वसूली की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सरकार के इस कड़े आदेश से यह साफ हो गया है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वाले अफसरों की विदाई अब शांतिपूर्ण नहीं होगी और रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें अपने किए का पूरा हिसाब देना होगा।


