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गरियाबंद | 12 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती और लेटलतीफी बरतने वाले पंचायत सचिवों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री प्रखर चंद्राकर ने कड़ा फैसला लेते हुए मैनपुर जनपद के 57 और देवभोग जनपद के सभी 43 ग्राम पंचायत सचिवों का जनवरी माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
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जिला पंचायत सीईओ द्वारा लगातार जिले में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की जा रही थी। बार-बार निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद कई पंचायतों में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के मकानों का निर्माण ,समर्थ पोर्टल और ग्राम संपदा का अपडेशन,15वां वित्त आयोग के तहत विकास कार्यअन्य ग्रामीण विकासमूलक एवं निर्माण कार्य लापरवाही देखी गई:
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गौरतलब है कि सीईओ प्रखर चंद्राकर ने जनपद स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर सचिवों को कार्यों में गति लाने और समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। नियमित निरीक्षण के दौरान जब धरातल पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी, तब अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति उदासीनता मानते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
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कार्रवाई की पुष्टि करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी काम नहीं करेंगे, उन पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”
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