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नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026:
देश में औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और आयुष क्षेत्र के हितधारकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी डिजिटल पहल की शुरुआत की है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने एक विशेष डिजिटल पोर्टल का संचालन शुरू कर दिया है। यह पोर्टल उन लोगों के लिए ‘मूल प्रमाण पत्र’ (Certificate of Origin) इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करेगा, जो खेती किए गए औषधीय पौधों तक पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) में छूट चाहते हैं।
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पूरी तरह पेपरलेस हुई प्रक्रिया
अब आवेदकों को प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह नया पोर्टल आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया को संपूर्ण ऑनलाइन प्रणाली के रूप में संचालित करता है। इच्छुक हितधारक आधिकारिक वेबसाइट https://absefiling.nbaindia.in/ पर जाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं और अपना डिजिटल प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
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संशोधित कानूनों का मिला आधार
इस डिजिटल बदलाव की नींव 2023 में रखे गए जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम के माध्यम से रखी गई थी। मंत्रालय ने वर्ष 2024 और 2025 में नए नियमों को अधिसूचित किया, ताकि आयुष उद्योग, बीज क्षेत्र और अनुसंधान संस्थानों की जरूरतों को सुगमता से पूरा किया जा सके। संशोधित नियमों का मुख्य उद्देश्य औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर लालफीताशाही को कम करना है।
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