छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से, 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें
केंद्र सरकार ने आधार डेटाबेस की सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया है, जिसके तहत अब तक 2.5 करोड़ से अधिक मृतकों के आधार नंबर निष्क्रिय किए जा चुके हैं। लोकसभा में इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने बताया कि 134 करोड़ सक्रिय धारकों वाली इस विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक प्रणाली में डेटा की अखंडता बनाए रखना अनिवार्य है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार को निष्क्रिय करना इसलिए आवश्यक हो जाता है ताकि पहचान संबंधी धोखाधड़ी और आधार के दुरुपयोग के जरिए सरकारी कल्याणकारी लाभों के अनधिकृत उपयोग को पूरी तरह रोका जा सके।
स्वाद और सेहत की अनमोल विरासत: विलुप्त होता औषधीय गुणों का खजाना ‘बड़हर’
पहचान की चोरी और जोखिमों को कम करने के लिए सरकार ने कई तकनीकी सुरक्षा कवच भी पेश किए हैं, जिनमें बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक की सुविधा सबसे प्रमुख है। यह सुविधा आधार धारकों को अपने बायोमेट्रिक डेटा को सुरक्षित रखने में सक्षम बनाती है, जिससे उनकी अनुपस्थिति में किसी भी अनधिकृत प्रमाणीकरण के प्रयास को विफल किया जा सकता है। इसके साथ ही, लेनदेन के दौरान लाभार्थी की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘चेहरा प्रमाणीकरण’ (Face Authentication) को ‘जीवंतता पहचान सुविधा’ (Liveness Detection) के साथ लागू किया गया है, जो फर्जीवाड़े की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर देती है।
बापू और छत्तीसगढ़: कंडेल की नहरों से अछूतोद्धार की क्रांति तक, एक अटूट नाता
डिजिटल सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) ने एक नया आधार ऐप भी जारी किया है, जो धारकों को सुरक्षित और निर्बाध तरीके से अपने क्रेडेंशियल्स साझा करने की अनुमति देता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोर बायोमेट्रिक जानकारी कभी किसी से साझा नहीं की जाती और सभी संस्थाओं के लिए डेटा को एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में ‘आधार डेटा वॉल्ट’ में रखना अनिवार्य है। नियमित रूप से डेटाबेस का स्वच्छीकरण और दस्तावेजों के आधार पर जनसांख्यिकीय विवरणों का अद्यतन यह सुनिश्चित करता है कि आधार प्रणाली न केवल पारदर्शी बनी रहे, बल्कि देश के लाभार्थियों तक लाभों का वितरण भी बिना किसी बाधा के होता रहे।
2027 में होगी देश की अगली जनगणना: दूसरे चरण में की जाएगी ‘जातिवार गणना’, सरकार ने जारी की अधिसूचना

