छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके 2.0) एप का नया और अपडेटेड वर्जन तैयार कर लिया है, जिससे नेटवर्क न होने पर भी शिक्षक अपनी हाजिरी दर्ज कर सकेंगे।
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अब बस्तर, सरगुजा और अन्य दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों के शिक्षक बिना इंटरनेट के भी बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट और जीपीएस के जरिए अपनी ऑफलाइन अटेंडेंस दर्ज कर सकेंगे। जैसे ही शिक्षक का मोबाइल किसी नेटवर्क क्षेत्र में आएगा, सुरक्षित रखा गया पूरा डेटा स्वतः मुख्य सर्वर पर अपलोड यानी सिंक हो जाएगा।
फर्जी उपस्थिति पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एप में जियो-फेंसिंग तकनीक लागू की गई है, जिसके तहत उपस्थिति केवल तय स्कूल या निर्धारित परिसर के भीतर से ही दर्ज हो सकेगी। पहले उपस्थिति के लिए आंखों के स्कैन का उपयोग होता था, जिसे अब आसान बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट सिस्टम में बदल दिया गया है।
शासन के नए निर्देशों के अनुसार शिक्षकों का मासिक वेतन अब डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही जारी किया जाएगा। इस नए ऑफलाइन अपडेट से छत्तीसगढ़ के प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों और कार्यालयों में पदस्थ करीब 1.75 लाख शिक्षक-कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
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