छत्तीसगढ़ में पीजी कर रहे इन सर्विस डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य शासन ने अध्ययन अवकाश की अवधि को दो साल से बढ़ाकर अब तीन साल कर दिया है। 6 अप्रैल 2026 को जारी किए गए स्पष्ट आदेश के अनुसार इस निर्णय का लाभ उन सभी डॉक्टरों को मिलेगा जिन्होंने 3 मार्च 2025 के बाद अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन किया है। यह सुविधा आयुक्त चिकित्सा शिक्षा और आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं के अंतर्गत कार्यरत तमाम शासकीय डॉक्टरों के लिए लागू होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में पीजी डिप्लोमा विषयों को तीन साल के डिग्री कोर्स में बदलने के बाद से ही डॉक्टर आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे थे क्योंकि उन्हें दो साल की छुट्टी के बाद तीसरे साल बिना स्टाइपेंड के काम करना पड़ता था।
शासन के इस निर्णय का छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने स्वागत करते हुए इसे छात्रहित में लिया गया एक बड़ा कदम बताया है। सीजीडीएफ के अध्यक्ष डॉ हीरा सिंह लोधी ने इसे संगठन के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया है हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 से पहले पीजी करने गए नियमित चिकित्सक अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने शासन से आग्रह किया है कि पूर्व में अध्ययन अवकाश पर गए डॉक्टरों के लिए भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि उन्हें भी आर्थिक राहत मिल सके।

