रांची 09 जनवरी
झारखंड के गंभीर किडनी रोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में किडनी ट्रांसप्लांट की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान रिम्स और राज हॉस्पिटल को किडनी प्रत्यारोपण का लाइसेंस देने पर सहमति बन गई है। मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत जल्द ही दोनों संस्थानों को औपचारिक रूप से लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके बाद झारखंड के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
यह अहम निर्णय स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में रिम्स और राज हॉस्पिटल की उपलब्ध सुविधाओं चिकित्सकीय टीम और तकनीकी मानकों की समीक्षा के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति देने पर सहमति बनी।
बैठक के दौरान राज्य में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को और मजबूत करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों में लिवर हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट की संभावनाओं पर विचार किया गया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आने वाले समय में झारखंड को अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
इस दिशा में आगे की रणनीति तय करने के लिए 15 जनवरी को राज्य के 10 मेडिकल कॉलेजों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं के विस्तार आवश्यक संसाधनों और प्रशिक्षित मानवबल पर चर्चा की जाएगी।
राज्य में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने से न केवल मरीजों को आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी बल्कि समय पर इलाज मिलने से कई जानें भी बचाई जा सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।



