रायपुर:
छत्तीसगढ़ के 80 हजार से अधिक शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा और जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से देर रात उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता, प्रमोशन और लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति के मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षकों की चिंता दूर करते हुए साफ किया कि TET की वजह से प्रदेश के किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी। जिन लगभग 80 से 85 हजार शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने की आवश्यकता है, उनके लिए सरकार शिक्षा विभाग के माध्यम से खुद परीक्षा आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर रही है।
फेडरेशन द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि वेतन विसंगति ‘मोदी की गारंटी’ का अहम हिस्सा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अधिकारियों के साथ चर्चा कर इसका समाधान जल्द निकालने का भरोसा दिलाया।सीएम साय ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ सरकार मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों में TET और पदोन्नति को लेकर अपनाए जा रहे तौर-तरीकों का अध्ययन कर रही है। वहां के सफल और व्यावहारिक मॉडल को यहां भी लागू करने पर विचार किया जा सकता प्रमोशन नियमों पर मंथन: सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET क्लियर करने के लिए 2028 तक का समय दिए जाने के बावजूद प्रमोशन में आ रही अड़चनों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया है।
मुलाकात के दौरान जशपुर से आईं महिला शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने भी सभी शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे पूरी निष्ठा से अपने दायित्व निभाएं, सरकार उनके और उनके परिवारों के हितों की पूरी सुरक्षा करेगी।
इस देर रात हुई बैठक के बाद अब तमाम शिक्षक संगठनों की नजरें शिक्षा विभाग के आगामी दिशा-निर्देशों और सरकारी फैसलों पर टिकी हुई हैं।


