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छत्तीसगढ़: 10 फरवरी तक 59 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव, रायपुर और बिलासपुर अग्रणी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है। आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 10 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 33 जिलों से कुल 59,54,643.59 मीट्रिक टन धान का उठाव सफलतापूर्वक किया जा चुका है। प्रदेश भर में इस कार्य को संपन्न करने के लिए कुल 2,929 चावल मिलें पंजीकृत की गई हैं।
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आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि राजधानी रायपुर 263 पंजीकृत मिलों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, जबकि धमतरी 216 और महासमुंद 198 मिलों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं। धान उठाव के मामले में बिलासपुर जिला सबसे आगे निकल गया है, जहाँ से अब तक 6,37,194.37 मीट्रिक टन धान का उठाव किया गया है। इसके विपरीत, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में मिलों की संख्या दहाई के अंक से भी कम है, जिसके कारण वहां उठाव की मात्रा भी अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई है।
क्षेत्रीय स्तर पर मैदानी जिलों जैसे जांजगीर-चांपा और रायपुर में मिलिंग क्षमता और धान की आवक बस्तर संभाग के जिलों की तुलना में काफी अधिक बनी हुई है। यह पूरी रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत किए गए तारांकित प्रश्न संख्या 24 (क्र. 1237) के आधिकारिक उत्तर के रूप में सामने आई है, जो राज्य में धान प्रबंधन की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करती है।

