रायपुर 10 जनवरी 2026।
महासमुंद के बाद गरियाबंद जिले में चौथी कक्षा की तिमाही परीक्षा में कुत्ते के नाम से जुड़े प्रश्न में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का नाम विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने इसे सनातन विरोधी षड्यंत्र करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि धर्म और हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा का राम द्रोही चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक प्रभु श्री राम के नाम को इस तरह के सवाल में शामिल करना न केवल आपत्तिजनक है बल्कि यह सीधा धार्मिक भावनाओं पर प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री पूरे मामले पर पर्देदारी कर रहे हैं और इसे साजिश बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतना संवेदनशील मामला सामने आने के बावजूद न तो अब तक एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या व्यक्ति पर ठोस कार्रवाई हुई है। इससे साफ है कि सत्ता का संरक्षण दोषियों को प्राप्त है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने जिला शिक्षा अधिकारियों के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कहना कि प्रश्न पत्र प्रिंटर ने अपनी मर्जी से छाप दिया पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना है। प्रश्न पत्र तैयार करने और छपाई के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल होता है जिसमें शिक्षकों की समिति द्वारा प्रश्न तैयार किए जाते हैं और विधिवत अनुमोदन के बाद ही छपाई होती है। इससे स्पष्ट है कि या तो पूरी प्रक्रिया में भारी लापरवाही हुई है या फिर कमीशनखोरी के लालच में अनुभवहीन प्रिंटर को काम दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा शिक्षा विभाग वसूली गिरोह की तरह काम कर रहा है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि ऐसे अक्षम और धर्मद्रोही शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और पूरे प्रकरण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मस्थली है और यहां के करोड़ों हिंदू प्रभु श्री राम को भांचा स्वरूप में पूजते हैं। यह माता शबरी की भी भूमि है। ऐसे पवित्र प्रदेश में चौथी कक्षा के बच्चों की परीक्षा में कुत्ते के नाम के प्रश्न के विकल्प में प्रभु श्री राम का नाम शामिल करना अत्यंत निंदनीय है। इससे भी अधिक गंभीर सरकार का गैर जिम्मेदार रवैया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आई है तब तब इस तरह के धर्म विरोधी कृत्य सामने आए हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल में मंदिर तोड़े जाने और कथावाचकों को संरक्षण दिए जाने के पुराने आरोपों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने राम वन गमन पथ के विकास धार्मिक आयोजनों और गौ सेवा के लिए ठोस काम किए थे लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद इन कार्यों को रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गाय गोबर और धर्म के नाम पर केवल राजनीतिक पाखंड कर रही है जबकि प्रभु श्री राम और सनातन परंपराओं से उसका कोई वास्तविक सरोकार नहीं है।

