गैस सिलेंडर की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर सरकार का दावा झूठा- कांग्रेस
ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने और दूर-दराज के इलाकों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल 70,125 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 49,087 करोड़ रुपये और राज्यों का हिस्सा 21,037 करोड़ रुपये होगा। इस योजना का मुख्य लक्ष्य देश की उन 25,000 बस्तियों को पक्की सड़कों से जोड़ना है जहां अब तक बारहमासी सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके तहत कुल 62,500 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें पुलिया और क्रॉस ड्रेनेज जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
योजना के तहत बस्तियों का चयन वस्तुनिष्ठ तरीके से सुनिश्चित करने के लिए जनगणना 2011 के आंकड़ों को मानक माना गया है, हालांकि भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए जनसंख्या मानकों में विशेष रियायतें दी गई हैं। सामान्य क्षेत्रों में जहां 500 या उससे अधिक आबादी वाली बस्तियों को जोड़ा जाएगा, वहीं पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर क्षेत्रों, मरुस्थलीय और जनजातीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा मात्र 250 रखी गई है। आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों को भी इसी छूट का लाभ मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों के लिए है, जहां गृह मंत्रालय द्वारा चिन्हित मात्र 100 या अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों तक भी पक्की सड़क पहुंचाई जाएगी ताकि विकास की मुख्यधारा से कोई पीछे न छूटे।
जल जीवन मिशन 2.0: अब दिसंबर 2028 तक हर घर को मिलेगा नल से जल, सरकार ने बजट बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ किया
यह योजना केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक योजनाओं के साथ जोड़कर व्यापक समावेशन का लक्ष्य रखा गया है। अनुसूचित जनजाति बहुल बस्तियों के विकास के लिए इसे ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और अनुसूचित जाति सघन क्षेत्रों के लिए ‘पीएम-एजेएवाई’ योजना के साथ तालमेल बिठाकर लागू किया जाएगा। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना सामाजिक समानता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।
बिना लोगो, बिना झंझट: प्रसार भारती ने मार्च 2027 तक फ्री की अपनी प्रीमियम न्यूज फीड सेवा

