आम जनता को बड़ी राहत: अब हर जिले के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल के साथ मिलेगा मिट्टी का तेल
रायगढ़, 30 मार्च 2026। रायगढ़ पुलिस ने न्याय प्रक्रिया को चुनौती देने और दुष्कर्म पीड़िता को डराने-धमकाने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शहर के कुख्यात गुंडा-बदमाश बादल सिंह राजपूत और उसके साथी अनमोल अग्रवाल के खिलाफ महिला थाना में गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशों के बाद की गई है, जिन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि पीड़ितों या गवाहों को धमकाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़िता ने पूर्व में 3 फरवरी 2026 को बादल सिंह राजपूत के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोपी जेल गया था, लेकिन वर्तमान में वह जमानत पर बाहर है। पीड़िता का आरोप है कि जमानत मिलते ही आरोपी और उसके साथियों ने उसे केस वापस लेने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 18 मार्च को कोर्ट परिसर के बाहर अनमोल अग्रवाल ने पीड़िता को पैसों का लालच देकर केस वापस लेने का दबाव बनाया और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी।
दुस्साहस की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब 19 मार्च को मंदिर दर्शन के लिए गई पीड़िता को बादल सिंह राजपूत ने खुद रोककर धमकाया। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह जमानत पर बाहर आ चुका है और पीड़िता उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उसने चेतावनी दी कि यदि केस वापस नहीं लिया गया तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा। डरी-सहमी पीड़िता ने इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद महिला थाना में अपराध क्रमांक 24/2026 धारा 351(3), 232(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया।
रायगढ़ पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। चूंकि बादल सिंह राजपूत थाना कोतवाली की गुंडा-बदमाश सूची में शामिल है, इसलिए पुलिस उसकी जमानत निरस्त कराने के लिए माननीय न्यायालय को प्रतिवेदन भी भेज रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले में सख्त लहजे में कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस की टीमें मुखबिरों के जरिए उनकी तलाश में जुटी हैं।


