नई दिल्ली
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (AB PM-JAY) ने देश में स्वास्थ्य क्रांति लाते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अब तक देश भर में 1.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नकद रहित (कैशलेस) उपचार प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने यह जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की ‘चिंतन शिविर’ समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए दी।
37 हजार से ज्यादा अस्पतालों का मजबूत नेटवर्क
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह विशाल और ऐतिहासिक उपचार देश भर के 37,000 से अधिक सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) अस्पतालों के एक बेहद मजबूत और विस्तृत तंत्र (नेटवर्क) के जरिए संभव हो पाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयुष्मान भारत योजना को ‘अंत्योदय’ की मूल भावना के साथ तैयार किया गया है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंचाई जा सकें।
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100 करोड़ से ज्यादा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स लिंक
बैठक में ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ (ABDM) की प्रगति रिपोर्ट भी सामने रखी गई। आंकड़ों के मुताबिक, डिजिटल मिशन के तहत अब तक देश में 94 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA – आभा) नंबर बनाए जा चुके हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, इस डिजिटल इकोसिस्टम के अंतर्गत अब तक 100 करोड़ से अधिक अंकीय (डिजिटल) स्वास्थ्य अभिलेख (हेल्थ रिकॉर्ड्स) भी सुरक्षित तरीके से जोड़े जा चुके हैं।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिसिस पर जोर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुनील कुमार बर्नवाल ने इस ‘चिंतन शिविर’ को योजनाओं की प्रगति समीक्षा का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के लिए डेटा एनालिसिस (आंकड़ा विश्लेषण) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने उन्नत मोबाइल ऐप्स जैसी नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों पर भी प्रकाश डाला। इस उच्च स्तरीय बैठक में सरकार की दोनों प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के अब तक के सफर और भविष्य की रूपरेखा की विस्तृत समीक्षा की गई।


