जल जीवन मिशन की बड़ी उपलब्धि: देश के 81% से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा नल से शुद्ध पेयजल
घरेलू रसोई गैस (LPG) की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है, ताकि देश में गैस की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पिछले कुछ महीनों से एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी और अवैध गतिविधियों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने इसे एक बड़े सुधारवादी कदम के रूप में उठाया है।
ईएसएमए लागू होने के बाद अब प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में गैस की कमी न हो। सरकार का स्पष्ट मानना है कि सार्वजनिक उपयोग की इन सेवाओं को किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। यह कानून मुख्य रूप से जीवन-निर्वाह से जुड़ी उन महत्वपूर्ण सेवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है, जो सीधे तौर पर आम आदमी के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उससे उत्पन्न हो सकने वाली वैश्विक आपूर्ति बाधाओं को देखते हुए सरकार पहले से ही सतर्क हो गई है। इसी के मद्देनजर तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए घरेलू उत्पादन को बढ़ाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़े बताते हैं कि भारत की कुल खपत 3.13 करोड़ टन थी, जबकि घरेलू स्तर पर केवल 1.28 करोड़ टन गैस का ही उत्पादन हुआ था।
तकनीकी खामी: प्रदेश में वैध दस्तावेजों के बावजूद कट रहे ऑनलाइन चालान
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। एस्मा लागू होने से न केवल आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा, बल्कि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर भी लगाम लगेगी। सरकार के इस कदम से आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि घरेलू गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होने से उपभोक्ताओं को लंबे समय तक सिलिंडर के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
LOGO डिज़ाइन कर जीतें 50 हजार रुपये: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शुरू की ‘VB G RAM G’ प्रतियोगिता

