शिक्षा मंत्रालय ने जारी किया PGI 2.0 इंडेक्स: देश के राज्यों और जिलों की शिक्षा व्यवस्था का हुआ कड़ा मूल्यांकन, जानिए मुख्य बातें

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को अचानक आने वाले संकटों और पैसों की तंगी से बचाने के लिए साय सरकार ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला है, जो देश के डिजिटल गवर्नेंस में एक नई मिसाल बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना’ (Short-Term Loan Against Salary Scheme) का भव्य शुभारंभ किया। इस योजना के एंगल को अगर गहराई से समझें तो यह सिर्फ एक लोन स्कीम नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को जरूरत के वक्त ऊंची ब्याज दरों पर पैसे वसूलने वाले निजी साहूकारों के चंगुल से बचाने वाली एक बड़ी ‘आर्थिक आज़ादी’ है। मुख्यमंत्री ने योजना के ब्रोशर का विमोचन करते हुए साफ कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ (Backbone) हैं और जब हमारे कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से पूरी तरह मुक्त होकर काम करेंगे, तभी शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

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इस पूरी योजना का सबसे यूनीक और नया एंगल यह है कि सरकार ने लोन की पूरी प्रोसेस को ‘FinTech’ (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) के तर्ज पर पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बना दिया है। वित्त विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए इस पूरी सुविधा को ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से इंटीग्रेट कर दिया है। अब किसी भी कर्मचारी को लोन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या फाइलों का अंबार लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। कर्मचारी ई-कोष के ‘एम्प्लॉयी कॉर्नर’ में जाकर सीधे ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे, जहां e-KYC और डिजिटल ऑथेंटिकेशन के जरिए पलक झपकते ही लोन स्वीकृत होकर सीधे खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी एडवांस व्यवस्था से राज्य सरकार की जेब पर एक रुपये का भी अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आने वाला है।

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वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस योजना के चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखते हुए बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद यह सरकार की दूसरी सबसे बड़ी सौगात है, जिससे तात्कालिक जरूरतों के लिए बिना किसी ब्याज (Zero Interest) के वित्तीय सहायता मिलेगी। यह योजना बैकग्राउंड में कितनी तेजी से पॉपुलर हो रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पायलट फेज (प्रायोगिक चरण) के मात्र दो महीनों के भीतर ही 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने इस पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है और 27 हजार से ज्यादा कर्मचारी इस सुविधा का लाइव फायदा भी उठा चुके हैं। वित्त मंत्री ने आगे का विजन बताते हुए कहा कि फ्यूचर में जिन कर्मचारियों का क्रेडिट स्कोर (Credit Score) बेहतरीन होगा, उन्हें कॉम्पिटिटिव इंटरेस्ट रेट्स पर और ज्यादा बड़ी लोन राशि देने की भी योजना है।

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छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा और मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री चंद्रकांत पाण्डेय सहित तमाम कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की बरसों पुरानी और बेहद संवेदनशील मांग को पूरा करती है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल और संचालक (बजट एवं वित्त) श्री ऋषभ पराशर समेत भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, जो इस ऐतिहासिक डिजिटल सुधार के गवाह बने।

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