जशपुर:
जंगलों में हथियार चमकाकर राहगीरों को लूटने वाले और पुलिस को चकमा देकर भागे आरोपी पलटू दास का ठिकाना आखिरकार जशपुर पुलिस ने खोज ही निकाला। 11 जून की वारदात के बाद से लगातार चकमा दे रहे इस आरोपी को पुलिस की विशेष टीम ने मुंबई से धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी झारखंड के गुमला का निवासी है और उसका पुराना इतिहास नक्सलियों से जुड़ा रहा है।
क्या थी पूरी वारदात?
11 जून को बमतेल सरनाटोली के घने जंगलों में दो नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों द्वारा राहगीरों को रोककर अवैध वसूली की सूचना मिली थी। जशपुर पुलिस ने जब जंगल की घेराबंदी की, तो पुलिस की आहट पाते ही दोनों बदमाश अपने खतरनाक हथियार और मैगजीन वहीं छोड़कर घने जंगलों में ओझल हो गए।
मौके से मिला था घातक असलहा:
पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान मौके से इंसास रायफल की मैगजीन, होममेड रायफल, देशी कट्टा और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस मामले में एक आरोपी हृदय साहू को पुलिस पहले ही दबोच चुकी थी, लेकिन पलटू दास लगातार ठिकाने बदल रहा था।
साइबर सेल का ‘ट्रैप’ और मुंबई में रेड
जशपुर पुलिस ने हार नहीं मानी। साइबर सेल और तकनीकी इनपुट के जरिए जब सुराग खंगाले गए, तो आरोपी की लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद जशपुर पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर मुंबई रवाना की गई, जहां से घेराबंदी कर आरोपी पलटू को गिरफ्तार कर जशपुर लाया गया।
पूछताछ में कई खुलासे:
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने हथियारों की नोक पर राहगीरों से पैसे ऐंठने की बात कबूल कर ली है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि उसके पास इंसास रायफल जैसी घातक मैगजीन कहाँ से आई और नक्सली संगठनों से उसके रिश्ते अब भी हैं या नहीं। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

