रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज 13 मार्च 2026 को कार्यवाही का सबसे हंगामेदार दिन होने जा रहा है, जहाँ ध्यानाकर्षण के कुल 77 विषयों के जरिए विपक्ष ने सरकार के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। सदन की शुरुआत पूर्व सदस्य श्रीमती मंगलीबाई रावटे को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी, जिसके तुरंत बाद प्रश्नोत्तर काल और ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से जनहित के संवेदनशील मुद्दों पर तीखी बहस शुरू हो जाएगी। आज का मुख्य आकर्षण कानून-व्यवस्था और गिरती सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक प्रदेश के शहरों में सरेआम हो रही चाकूबाजी की घटनाओं पर गृह मंत्री को घेरेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में बढ़ती मतांतरण की घटनाओं और औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से हुई मजदूरों की मौत पर भी मंत्रियों से तीखा जवाब माँगा जाएगा।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत आज शिक्षा नीति और किसानों के मुआवजे पर सरकार को घेरेंगे,
शिक्षा विभाग के मोर्चे पर आज नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत काफी आक्रामक नजर आएंगे, जो स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से अचानक पदमुक्त किए गए शिक्षकों और ‘आया’ के भविष्य को लेकर सवाल उठाएंगे। स्कूलों के जर्जर भवन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में लापरवाही और छात्रवृत्ति वितरण में हो रही देरी जैसे करीब 20 मुद्दों पर शिक्षा मंत्री को सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। राजस्व विभाग के अंतर्गत किसानों के मुआवजे का मामला भी आज प्रमुखता से गूँजेगा, जहाँ पेंड्रा बायपास और नेशनल हाईवे निर्माण से प्रभावित किसानों को अब तक राशि न मिलने और भू-माफियाओं द्वारा आदिवासियों की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों पर भारी शोर मचने के आसार हैं।
विधानसभा में अजय चंद्राकर चाकूबाजी और गौठान की अनियमितता पर गृह मंत्री और पशुधन मंत्री को घेरेंगे
स्वास्थ्य विभाग की स्थिति पर भी आज सदन में गंभीर चिंता जताई जाएगी, जहाँ सरकारी अस्पतालों में नकली और अमानक दवाइयों की आपूर्ति और डॉक्टरों की भारी कमी जैसे मुद्दों पर स्वास्थ्य मंत्री की घेराबंदी की जाएगी। जांजगीर जिला अस्पताल की ‘जीवनदीप समिति’ में वित्तीय गड़बड़ी और भिलाई के सेक्टर-09 अस्पताल की बदहाली को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी की है। ग्रामीण अंचलों से जुड़े मुद्दों में हाथियों का आतंक और उसके कारण बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों की समस्या सबसे ऊपर है, जिस पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। साथ ही गरियाबंद और रायगढ़ जैसे जिलों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध रेत उत्खनन और ‘नल-जल योजना’ के अधूरे कार्यों पर भी आज सदन में जमकर वार-पलटवार होगा।
सदन के अंतिम चरण में आज कुछ महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प भी चर्चा के लिए आएंगे, जिनमें सबसे प्रमुख सरकारी विभागों के रिक्त पदों को भरने के लिए ‘विशेष भर्ती अभियान’ चलाने की मांग है। इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में बालिकाओं के आश्रम-छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण और भिलाई में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की पुनः स्थापना जैसे विषयों पर भी जनप्रतिनिधि अपनी आवाज बुलंद करेंगे। राजस्व, शिक्षा और अनुसूचित जाति कल्याण जैसे भारी-भरकम विभागों की बजट मांगों पर होने वाली इस चर्चा में आज सत्तापक्ष को न केवल विपक्ष के 77 तीखे सवालों का सामना करना होगा, बल्कि अपनी योजनाओं की सफलता का प्रमाण भी देना होगा।
राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर आज विधानसभा में चर्चा: जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी और मुआवजा वितरण पर घिरेगी सरकारछत्तीसगढ़ विधानसभा: अपराध, बेरोजगारी और अस्पताल की बदहाली: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गूंजेंगे जनता के सबसे बड़े सवाल, बजट अनुदान मांगों पर भी होगी जोरदार चर्चाशिक्षा विभाग पर विधानसभा में चर्चा आज: स्कूलों में शिक्षकों की कमी और रुकी छात्रवृत्ति पर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष



