विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े प्रश्न सदन में उठाए जाएंगे, जिनमें सड़क सुरक्षा, वन्यजीवों की सुरक्षा, सरकारी विज्ञापन और भू-अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दे मुख्य रूप से शामिल हैं। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों में वन्यजीवों की मृत्यु के कारण, उनके संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदम, औद्योगिक कार्यों और खदानों के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति, वन प्रबंधन समितियों के विघटन और पुनर्गठन की स्थिति, गौण खनिजों की रॉयल्टी बकाया से संबंधित शिकायतों पर की गई कार्रवाई, और प्रदेश में भू-जल संरक्षण व विकास कार्यों की स्थिति का ब्यौरा मांगा गया है।
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जनसंपर्क विभाग से संबंधित समाचार पत्र और ‘पत्रिका को दिए गए विज्ञापनों का भुगतान, और प्रदेश में न्यूज़/टीवी चैनलों के विज्ञापन हेतु इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया व नियमों पर सवाल पूछे जाएंगे। इसके अतिरिक्त सदन में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शोधपीठ के संचालन के नियम, अनुदान और सरगुजा जिले में धान खरीदी के दौरान किसानों को दी गई सुविधाओं पर जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही जल संसाधन विभाग के तहत किसानों की अधिग्रहीत भूमि का लंबित मुआवजा, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत हाथी प्रभावित गांवों में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट की सुविधा जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषय भी सदन में चर्चा का हिस्सा होंगे।
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परिवहन विभाग को लेकर सदन में विशेष ध्यान रहेगा, जिसमें सड़क सुरक्षा, फिटनेस, परमिट, और ओवरलोडिंग के मामलों में की गई कार्रवाई के साथ-साथ परिवहन जांच चौकियों पर टैक्स चोरी और अवैध परिवहन के खिलाफ सख्ती का विवरण शामिल है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के तहत शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई, आकाशीय बिजली गिरने से मृतकों के परिजनों को राहत राशि का वितरण और ‘भारत माला’ परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में मिली शिकायतों की जांच जैसे महत्वपूर्ण मामले उठेंगे।
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