जशपुर की आबोहवा में छिपा है छत्तीसगढ़ का नया ‘एग्रो-स्वर्ग’”, बस पहल की जरुरत
रायपुर 18 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ ने शिक्षा प्रशासन में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सुशासन का एक सशक्त और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत कर देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन ने राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र को शिक्षा क्षेत्र में तकनीक आधारित सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय पहल के रूप में रेखांकित किया है।
आईआईटी भिलाई फाउंडेशन के अनुसार विद्या समीक्षा केंद्र पारदर्शिता जवाबदेही और नागरिक केंद्रित शासन की दिशा में छत्तीसगढ़ की ठोस और दूरदर्शी उपलब्धि को दर्शाता है। यह केंद्र छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित एक अभिनव डिजिटल पहल है जो शिक्षा व्यवस्था में डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप प्रदान कर रहा है।
छत्तीसगढ़ देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक शिक्षा प्रणालियों में से एक का संचालन करता है जहां सैंतालीस हजार से अधिक शासकीय विद्यालयों में उनतालीस लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और लगभग एक लाख अस्सी हजार शिक्षक तथा गैर शिक्षण कर्मचारी कार्यरत हैं। इतने विशाल तंत्र के संचालन में पहले बिखरे हुए आंकड़े सीमित रियल टाइम निगरानी और निर्णयों में विलंब जैसी चुनौतियां सामने आती थीं जिससे शिक्षा व्यवस्था की दक्षता प्रभावित होती थी। विद्या समीक्षा केंद्र ने इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हुए एक केंद्रीकृत रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में प्रभावी भूमिका निभाई है।
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इस केंद्र के माध्यम से शिक्षा विभाग को समय पर सटीक और समेकित जानकारी उपलब्ध हो रही है जिससे योजनाओं और नीतियों का क्रियान्वयन अधिक त्वरित प्रभावी और परिणामोन्मुख हो सका है। विद्या समीक्षा केंद्र में यूडाइस एचआरएमआईएस पीएम पोषण पीजीआई अपार आईडी आधार और जीआईएस मैपिंग जैसे महत्वपूर्ण डेटाबेस का एकीकृत उपयोग किया जा रहा है जिससे विद्यालय अधोसंरचना शिक्षक तैनाती छात्र उपस्थिति अधिगम परिणाम और कल्याणकारी योजनाओं की सतत और समग्र निगरानी सुनिश्चित हुई है।
केंद्र में प्रयुक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव मॉडल संभावित ड्रॉपआउट और अधिगम अंतराल की समय रहते पहचान में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप समावेशी गुणवत्तापूर्ण और समान अवसर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है।
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छत्तीसगढ़ की इस डिजिटल पहल की मापनीय उपलब्धियां इसकी प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। राज्य में अधिकांश विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी का सृजन हो चुका है और आधार सत्यापन भी उच्च स्तर पर पूर्ण किया गया है। साथ ही दो करोड़ से अधिक पाठ्यपुस्तकों की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से शिक्षा विभाग को बड़े पैमाने पर वित्तीय बचत भी संभव हो सकी है।
विद्या समीक्षा केंद्र को एक समर्पित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा सक्रिय कॉल सेंटर का सहयोग प्राप्त है। ये व्यवस्थाएं शिकायत निवारण डेटा सत्यापन फील्ड स्तर के फीडबैक और हितधारकों से सतत संवाद को सशक्त बनाती हैं जिससे शासन और नागरिकों के बीच विश्वास और सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आईआईटी भिलाई फाउंडेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्या समीक्षा केंद्र ने शिक्षा प्रशासन में डेटा आधारित शासन संस्कृति को मजबूत आधार प्रदान किया है। इसके माध्यम से प्रशासन अधिक प्रोएक्टिव पारदर्शी और परिणाम केंद्रित स्वरूप में विकसित हुआ है।
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भारत सरकार के राष्ट्रीय मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स के अंतर्गत स्थापित प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र के रूप में आईआईटी भिलाई फाउंडेशन ने विद्या समीक्षा केंद्र को डेटा आधारित शिक्षा सुधार और प्रौद्योगिकी सक्षम सुशासन का राष्ट्रीय मानक बताया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को स्केलेबल प्रभावशाली और नागरिक केंद्रित सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करती है।

