रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में बेरोजगारी के आंकड़ों को लेकर हुए सवाल-जवाब में यह साफ हो गया है कि सरकार युवाओं को सरकारी नौकरियों के बजाय निजी क्षेत्रों (Private Sector) में रोजगार दिलाने और उन्हें हुनरमंद बनाने पर अधिक ध्यान दे रही है। विधायक उमेश पटेल के सवाल पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में जानकारी दी कि 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या बढ़कर 15,79,178 तक पहुँच गई है।
सरकार ने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट करते हुए बताया कि युवाओं को सीधे सरकारी नौकरी देने के बजाय उन्हें बड़ी निजी कंपनियों के साथ जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए कौशल विकास विभाग ने महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े समूहों के साथ अनुबंध किया है, जिसके तहत बस्तर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव के युवाओं को ट्रैक्टर मैकेनिक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, नांदी फाउंडेशन और अन्य निजी संस्थाओं के माध्यम से हजारों युवाओं को ‘एम्प्लॉयबिलिटी स्किल’ और ‘सॉफ्ट स्किल्स’ की ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे प्राइवेट जॉब्स के लिए तैयार हो सकें।
तकनीकी शिक्षा विभाग भी अब सरकारी नियुक्तियों के भरोसे बैठने के बजाय इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में निजी कंपनियों के ‘कैंपस प्लेसमेंट’ पर जोर दे रहा है। सरकार ने Apanatech और CSRBOX जैसी निजी कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) साइन किए हैं, ताकि युवाओं को इलेक्ट्रिक व्हीकल, हेल्थ सेक्टर और लॉन्ड्री सर्विस जैसे क्षेत्रों में रोजगार मिल सके। रायगढ़ जिले सहित पूरे प्रदेश में रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंप के जरिए निजी उद्योगों में युवाओं के चयन की प्रक्रिया को ही मुख्य समाधान के रूप में पेश किया गया है।



