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रायपुर, 07 जून 2026
सरगुजा जिले के विकासखंड मैनपाट में पीलिया से पांच लोगों की मौत होने की खबरों के बाद स्वास्थ्य, राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया है। जांच रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि सभी ग्रामीणों की मृत्यु के कारण पूरी तरह अलग-अलग थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन्हें सामूहिक रूप से पीलिया या दूषित पानी से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है, क्योंकि किसी भी गांव में सामूहिक संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले हैं।
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जांच दल ने सच्चाई का पता लगाने के लिए मृतकों के परिजनों से चर्चा की, वर्बल ऑटोप्सी की, संभावित मरीजों की स्वास्थ्य जांच की और इलाके के पेयजल स्रोतों का भी परीक्षण किया। चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम कुनिया के जितेंद्र यादव की मृत्यु सेप्टिक शॉक के कारण हुई थी, जबकि ग्राम बरिमा की श्रीमती भगवती यादव में हालांकि हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, लेकिन उनकी मृत्यु का मुख्य कारण लीवर संबंधी जटिलताएं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट था। इसी गांव के विकास यादव की मृत्यु के पीछे भी अन्य चिकित्सकीय कारण रहे हैं। इसके अलावा ग्राम नर्मदापुर के विकास यादव को हेपेटाइटिस नहीं था, वे बचपन से सिकल सेल की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और रायपुर में इलाज के दौरान उनका निधन हुआ। वहीं ग्राम केसरा की आकांक्षा यादव भी हेपेटाइटिस से पीड़ित नहीं थीं, बल्कि वे लंबे समय से टीबी और सांस की बीमारी से जूझ रही थीं।
मैनपाट में पीलिया का कहर: पांच मौतों के दावे से हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
जांच दल ने बताया कि सभी मृतक अलग-अलग गांवों और टोलों के रहने वाले थे, जिनके बीच आपस में लगभग 15 से 20 किलोमीटर की लंबी दूरी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मृतकों के परिवारों और आसपास के क्षेत्रों का सघन सर्वे करने पर किसी भी अन्य सदस्य में पीलिया या हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं मिले हैं। इससे यह साबित होता है कि पानी के स्रोतों के जरिए वहां कोई सामूहिक संक्रमण नहीं फैला है।
भले ही सामूहिक संक्रमण की बात गलत साबित हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वेक्षण कर रहा है। इसके साथ ही गांवों में जरूरी दवाइयों का वितरण और पानी के स्रोतों में क्लोरीनेशन का काम लगातार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
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