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कुनकुरी/जशपुर: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश भर के साथ-साथ जशपुर जिले के कुनकुरी और अन्य विकासखंडों में शासकीय कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
132 मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रतिनिधि संगठन फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम एसडीएम नंदजी पांडे को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और सरकार को ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए गए चुनावी वादों की याद दिलाई।
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आंदोलनकारी कर्मचारियों की मुख्य मांगों में शासकीय सेवकों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एरियर्स सहित प्रदान करना, चार स्तरीय वेतनमान लागू करना और 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण शामिल है। इसके साथ ही लिपिकों, सहायक शिक्षकों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर करने की पुरजोर मांग की गई है। फेडरेशन ने शिक्षकों की सेवा गणना उनकी नियुक्ति तिथि से करने, बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति देने और पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है।
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ज्ञापन में नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन और पदोन्नति सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने तथा संविदा एवं कार्यभारित कर्मचारियों के नियमितीकरण की बात कही गई है। कर्मचारियों ने आधार बेस अटेंडेंस और नई संविदा नियुक्तियों को बंद करने पर भी जोर दिया है।
कुनकुरी में आयोजित इस कार्यक्रम में फेडरेशन के विकासखंड संयोजक अरविंद मिश्रा, सचिव प्रभु शंकर श्रीवास्तव और उप संयोजक वाई.आर. कैवर्त के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर पटवारी संघ के अध्यक्ष प्रवीण तिर्की, राजस्व निरीक्षक संघ से राजेंद्र खुटे, चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ से मुकेश सिंह और विकास सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

