बालोद जंबूरी कार्यक्रम: आयोजन पर खर्च हुए करोड़ों, विधानसभा में गूंजा टेंडर और शिकायतों का सवाल
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Vocational Courses) के लिए सामग्री खरीदी का मामला अब गरमा गया है। विधानसभा में विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बड़ी जानकारी साझा की है। मंत्री ने बताया कि सत्र 2025-26 में प्रदेश के 1285 स्कूलों को वोकेशनल कोर्स के ऑफिस एक्सपेंसेस और कंटिंजेंसी मद में प्रति विद्यालय 2 लाख रुपये की आहरण सीमा जारी की गई थी। इस खरीदी के लिए शासन स्तर से नवंबर 2025 में दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं।
शिक्षा मंत्री ने सदन में स्वीकार किया कि स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से ऐसी शिकायतें मिली हैं जिनमें स्कूलों द्वारा भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं करने और बाजार मूल्य से अधिक दर पर सामग्री खरीदने के आरोप लगाए गए हैं। इन गंभीर शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए राज्य स्तर पर एक 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है। वर्तमान में यह समिति पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। शासन की इस कार्रवाई से उन अधिकारियों और संस्थाओं में हड़कंप मच गया है जो इस खरीदी प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे।

