रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण के लिए एक बड़ी पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यानी मंगलवार को बहुप्रतीक्षित ‘CM हेल्पलाइन 1076’ सेवा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
मुख्यमंत्री आज दोपहर महानदी भवन (मंत्रालय) में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद इस जनहितैषी सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री स्वयं हेल्पलाइन कॉल सेंटर का अवलोकन कर उसकी कार्यप्रणाली का जायजा भी लेंगे।
सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचेगी बात
इस हेल्पलाइन के शुरू होने से छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचाने का एक बेहद आसान और मजबूत जरिया मिल जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का औपचारिक निपटारा करना नहीं, बल्कि एक तय समयसीमा (Timeline) के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
इन समस्याओं और शिकायतों को कर सकेंगे दर्ज
नागरिक इस हेल्पलाइन के जरिए प्रशासन के अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याओं को उठा सकेंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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सफाई सेवाओं में लापरवाही और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतें।
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पेंशन मिलने में हो रही देरी या उससे जुड़ी अन्य समस्याएं।
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पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज करने से इनकार करने के मामले।
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सरकारी दफ्तरों या कर्मचारियों द्वारा रिश्वत (घूस) की मांग करना।
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बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार या प्रताड़ना की शिकायतें।
शिकायत दर्ज करने के 4 आसान माध्यम
राज्य का कोई भी नागरिक इस सुविधा से वंचित न रहे, इसके लिए सरकार ने मल्टी-चैनल (Multi-channel) व्यवस्था तैयार की है। लोग अपनी सुविधा के अनुसार निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
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टोल-फ्री नंबर: सीधे 1076 पर कॉल करके।
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वेब पोर्टल: आधिकारिक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल के जरिए।
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मोबाइल ऐप: CM हेल्पलाइन के समर्पित ऐप के माध्यम से।
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WhatsApp चैटबॉट: वॉट्सऐप के जरिए भी शिकायत भेजने की सुविधा होगी।
ट्रैकिंग की सुविधा: शिकायत दर्ज होने के बाद नागरिकों को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसके जरिए वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत का वर्तमान स्टेटस (Status) भी ऑनलाइन चेक कर सकेंगे।
इस व्यवस्था के लागू होने से छत्तीसगढ़ में सुशासन (Good Governance) को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता को अपनी जायज मांगों व समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

