निजी स्कूलों को बड़ी राहत: अब खुद ले सकेंगे लोकल परीक्षाएं, शिक्षा विभाग ने संशोधित किया अपना आदेश!
मुंगेली, 05 फरवरी 2026 मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत मुंगेली जिले में विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए ‘‘मिशन 90 प्लस परीक्षा परिणाम उन्नयन कार्यक्रम’’ की शुरुआत की गई है।
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इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना तथा आगामी बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में ऐतिहासिक सुधार लाना है।
अभियान की प्रगति की समीक्षा करने के लिए कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्राचार्यों और शिक्षा अधिकारियों की एक मैराथन बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर का कड़ा रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लापरवाही पर गिरी गाज: वेतन रोकने और नोटिस के निर्देश
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की जवाबदेही तय की। मनोहरपुर स्कूल की लचर प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने प्राचार्य संजीव निर्मलकर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण कार्यों में भारी लापरवाही और छात्रों के प्रगति पत्रक संधारित न पाए जाने पर कलेक्टर ने जिले के सभी बीईओ (BEO) एवं एबीईओ (ABEO) की सैलरी रोकने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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इसके साथ ही, शैक्षणिक स्तर में सुधार न लाने वाले लालपुर, मनोहरपुर, लगरा, देवरहट, डोंगरिया, राम्हेपुर, बैगाकापा एवं गोड़खाम्ही स्कूलों के प्राचार्यों की वेतन वृद्धि (Increment) असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्यवाही भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नवाचार और ‘स्मार्ट टीचिंग’ को बढ़ावा
कलेक्टर ने बैठक में मौजूद प्राचार्यों से सीधा संवाद किया। उन्होंने राम्हेपुर विद्यालय की प्राचार्य मरियम एक्का को आगामी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया और अन्य स्कूलों को अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ साझा करने को कहा। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी स्कूलों के सफल नवाचारों का एक संकलित प्रतिवेदन तैयार किया जाए, ताकि सभी विद्यार्थी उसका लाभ उठा सकें।
कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि: “शिक्षा गुणवत्ता बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। सभी अधिकारी और शिक्षक बेहतर मॉनिटरिंग टूल का उपयोग करें और जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें। अनसॉल्व्ड और मॉडल पेपर्स की तैयारी गंभीरता से कराई जाए।”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि परीक्षा से पहले का यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षकों को अब एक ‘स्मार्ट टीचर’ की भूमिका निभाते हुए नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों की सोच विकसित करनी चाहिए। वहीं, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने सभी शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की सीख दी।
बैठक में बेहतर कार्य करने वाली प्राचार्य शकुंतला के प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे, डीएमसी अशोक कश्यप् सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य उपस्थित रहे।


