जशपुर
कोतबा नगर और उसके आसपास के 15 ग्रामों की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में जिलाध्यक्ष कांग्रेस एवं पूर्व विधायक यू डी मिंज ने कलेक्टर जशपुर को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और व्यवस्था सुधार की मांग की है।
यू डी मिंज ने पत्र में उल्लेख किया है कि दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और स्थानीय नागरिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग दो लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था केवल एक आरएमओ के भरोसे चल रही है। वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल नाम मात्र का केंद्र बनकर रह गया है और योजना का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।जो कि दुःखद है
पत्र में लिखा गया है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की भारी कमी है। कई बार मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाएं बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज समय पर उपचार से वंचित हैं जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष यू डी मिंज ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देना है लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। यह न केवल शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विफलता को दर्शाता है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ भी है।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए। आयुष्मान आरोग्य मंदिर की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराया जाए जिसमें डॉक्टरों की पदस्थापना स्टाफ की उपलब्धता दवाइयों और मूलभूत सुविधाओं की जांच शामिल हो। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र की जनता को शीघ्र समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
यू डी मिंज ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय को जनहित में लेते हुए त्वरित और ठोस कार्रवाई करेगा ताकि कोतबा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य मिल इसके लिए

