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जशपुरनगर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बाहरी राज्यों के नंबर प्लेट वाले वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है।
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब उन वाहन स्वामियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो अन्य राज्यों के पंजीयन नंबर वाले वाहनों को छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चला रहे हैं। केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 47 का हवाला देते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी वाहन किसी राज्य में 12 महीने से अधिक समय तक रखा या संचालित किया जाता है, तो उस राज्य का स्थानीय पंजीयन चिन्ह लेना अनिवार्य होता है।
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परिवहन विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि जशपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले कई वाहन मालिकों का स्थाई पता तो छत्तीसगढ़ का है, लेकिन उन्होंने अपने वाहनों का पंजीयन झारखंड या ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से कराया है। ये वाहन साल भर से अधिक समय से छत्तीसगढ़ की सीमाओं के भीतर चल रहे हैं, जो न केवल केंद्रीय अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ शासन को प्राप्त होने वाले राजस्व का भी बड़ा नुकसान हो रहा है।
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इस स्थिति को देखते हुए जिला परिवहन कार्यालय जशपुर ने सभी संबंधित वाहन स्वामियों को सूचित किया है कि वे संबंधित राज्य के परिवहन प्राधिकार से अविलंब अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त करें। इस एनओसी को जिला परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा, जिसके आधार पर वाहन को छत्तीसगढ़ का नया पंजीयन नंबर आवंटित किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो मोटरयान अधिनियम 1988 और अन्य नियमों के प्रावधानों के तहत संबंधितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

