जशपुर पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना व चौकी प्रभारी, और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना, लंबित मामलों को जल्द निपटाना और जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देना था।
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लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण एवं विवेचना में गुणवत्ता पर जोर
बैठक के दौरान अनुविभागवार लंबित अपराधों, चालान, शिकायतों और मर्ग प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन और अदालत में दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई, जबकि लापरवाही बरतने और अनावश्यक विलंब करने वाले विवेचकों को विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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अवैध गतिविधियों, नशे व तस्करी पर प्रहार (End-to-End Investigation)
जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गौ-तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में ‘End-to-End Investigation’ सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क और मुख्य सरगनाओं तक पहुंचकर उन पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
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समाधान ऐप का अनिवार्य उपयोग एवं साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई
सुरक्षा की दृष्टि से जिले के सभी होटल, लॉज और आवासीय प्रतिष्ठानों में रुकने वाले बाहरी आगंतुकों का ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से अनिवार्य पंजीकरण कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी पर अंकुश लगाने हेतु साइबर सेल प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश कुमार समरथ को निर्देशित किया गया कि थाना स्तर से आने वाले तकनीकी सहायता के आवेदनों और साइबर पोर्टल/हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता से त्वरित समाधान करें।
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सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निवारण
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की विस्तृत समीक्षा करते हुए एसएसपी ने कहा कि पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता से परीक्षण कर समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण किया जाए। जनशिकायतों के निवारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पुलिस मितान व्यवस्था एवं ग्राम सुरक्षा को मजबूती
सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देने के लिए ‘पुलिस मितान’ व्यवस्था को और अधिक सक्रिय बनाने का निर्णय लिया गया। थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में पुलिस मितानों के साथ नियमित बैठकें करें और उन्हें कानून-व्यवस्था, यातायात सुरक्षा, नशा मुक्ति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा अभियानों से जोड़ें। इसके साथ ही, थानों में आने वाले हर शिकायतकर्ता के साथ शालीन व्यवहार करने, शाम के समय ‘Visible Policing’ (पैदल मार्च/कांबिंग गश्त) बढ़ाने और ग्राम सुरक्षा प्रभारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
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यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती और चेकिंग अभियान
सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को रोकने के लिए जिले भर में बैरिकेड लगाकर सघन वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने और मोबाइल का उपयोग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी, एसडीओपी बगीचा श्री दिलीप कुमार कोसले, एसडीओपी जशपुर श्री चंद्रशेखर परमा, उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश कुमार समरथ, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री के.आर. चौहान, एसडीओपी श्री निमितेश सिंह, रीडर श्री मुकेश झा सहित सभी थाना व चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।


