अयोध्या।
त्रेतायुग का दृश्य सजीव हो उठा जब प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे। रामनगरी का आकाश दीपों की रोशनी से नहा उठा और सरयू तट पर 29 लाख दीपों ने एक साथ जगमगाकर विश्व रिकॉर्ड रच दिया। दीपोत्सव 2025 ने अयोध्या के नाम लगातार नौवां गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराया।
राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 29 लाख 25 हजार 51 दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जिनमें से 26 लाख 17 हजार 215 दीयों के एक साथ जलते रहने का नया विश्व रिकॉर्ड बना। ड्रोन से दीपों की गणना के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम के स्वप्निल दंगारीकर और निश्चल बरोट ने मंच से इस उपलब्धि की घोषणा की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमाणपत्र सौंपा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री, संत-महंत, विदेशी अतिथि और लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
सरयू आरती में बना दूसरा रिकॉर्ड
दीपोत्सव में एक और अनूठा कीर्तिमान दर्ज हुआ — सरयू आरती में एक साथ 2100 वेदाचार्यों ने भाग लेकर विश्व रिकॉर्ड रचा। यह कीर्तिमान योगी सरकार के कार्यकाल में दूसरी बार दर्ज हुआ है।
सीएम योगी ने किया श्रीराम का राजतिलक
रामकथा पार्क में आयोजित श्रीराम राज्याभिषेक समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ का तिलक कर आरती उतारी। पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री, संत-महंत, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
शोभायात्रा और दिव्य दृश्य
दीपोत्सव से पूर्व सुबह साकेत महाविद्यालय से श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा निकाली गई, जो रामपथ से होते हुए रामकथा पार्क पहुंची। जैसे ही प्रभु श्रीराम सीता के साथ पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से सरयू तट पर उतरे, त्रेतायुग की भव्यता फिर से जीवंत हो उठी।दीपोत्सव के बाद आसमान रंगीन आतिशबाजी और अद्भुत ड्रोन शो से जगमगा उठा। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु इस दृश्य को निहारते रह गए।
गिनीज टीम की सटीक गणना
गिनीज बुक की 75 सदस्यीय टीम ने विश्वविद्यालय के पर्यवेक्षकों, घाट प्रभारी और वॉलंटियर्स की मौजूदगी में हर घाट पर दीपों की गणना की। दीयों में तेल डालने और प्रज्ज्वलन के लिए सूती वस्त्र, कपूर पाउडर और डंडों पर लगी कैंडल्स का उपयोग किया गया, जिससे आयोजन अनुशासित और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुआ।
अयोध्या में आस्था का समंदर
दीपोत्सव के इस दुर्लभ क्षण को देखने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। राम की पैड़ी जयकारों से गूंज उठी और पूरा शहर प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूब गया। यह दीपोत्सव न सिर्फ़ रोशनी का, बल्कि विश्वास, संस्कृति और सनातन गौरव का उत्सव बन गया।
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