रायपुर/CG Now:
देश की रक्षा और वीरतापूर्ण कार्यों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जांबाज सैनिकों और वीरों के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार का सम्मान अनुकरणीय है। अक्सर हम वीरता पुरस्कारों के नाम तो सुनते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि छत्तीसगढ़ शासन इन वीरों को कितनी सम्मान राशि प्रदान करता है? विधानसभा के माध्यम से गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रदेश के सपूतों के लिए लाखों रुपये की ‘एकमुश्त’ सम्मान राशि का प्रावधान किया गया है।
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परमवीर और अशोक चक्र के लिए 20 लाख का सम्मान:
राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक, युद्ध काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘परमवीर चक्र’ और शांतिकाल के सर्वोच्च सम्मान ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित होने वाले वीर को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से 20,00,000 (बीस लाख) रुपये की सम्मान राशि एकमुश्त दी जाती है। यह राशि वीरता के प्रति राज्य के कृतज्ञ भाव को दर्शाती है।
महावीर और कीर्ति चक्र का गौरव:
इसी तरह, अदम्य साहस का परिचय देने वाले ‘महावीर चक्र’ और ‘कीर्ति चक्र’ विजेताओं को सरकार की ओर से 12,00,000 (बारह लाख) रुपये प्रदान किए जाते हैं। वहीं, ‘वीर चक्र’ और ‘शौर्य चक्र’ प्राप्त करने वाले वीरों के लिए 8,00,000 (आठ लाख) रुपये की सम्मान राशि निर्धारित की गई है।
अन्य मेडल और सम्मान राशि:
वीरता की अन्य श्रेणियों में भी सरकार उदारतापूर्वक सम्मान करती है। ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ के लिए 1,45,000 रुपये, ‘उत्तम युद्ध सेवा मेडल’ के लिए 1,40,000 रुपये और ‘युद्ध सेवा मेडल’ के लिए 80,000 रुपये की राशि दी जाती है। इसके अलावा, सेना, नौसेना और वायु सेना मेडल (केवल शौर्य के लिए) प्राप्त करने वालों को 50,000 रुपये और ‘मेन्सन-इन-डिस्पैचेस’ के लिए 12,000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है।
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वीरता के लिए दी जाने वाली यह आर्थिक सहायता उन परिवारों के लिए एक बड़ा संबल है, जिनके सदस्यों ने देश की अखंडता के लिए अपनी जान जोखिम में डाली है। छत्तीसगढ़ सरकार का गृह विभाग यह सुनिश्चित करता है कि पदक प्राप्तकर्ताओं को उनके गौरव के अनुरूप उचित सम्मान और सहायता समय पर प्राप्त हो। यह जानकारी हर नागरिक तक पहुँचनी चाहिए ताकि उन्हें अपने प्रदेश के वीरों और उनके सम्मान की जानकारी हो सके।

