गढ़बो नवा छत्तीसगढ़: प्रशासनिक इकाइयों के विस्तार से सुगम हुआ जन-जीवन
फैज़ान अशरफ
छत्तीसगढ़ शासन ने मुख्यमंत्री के गृह जिला जशपुर की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीआईजी डॉ लाल उमेद सिंह ने जशपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर अपना काम आरम्भ कर दिया है.
यह केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को अनुभव अनुशासन और मानवीय दृष्टिकोण से सशक्त करने का संकेत मानी जा रही है. डॉ लाल उमेद सिंह उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने कठिन और संवेदनशील इलाकों में अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है.
वर्ष 1996 में राज्य पुलिस सेवा से करियर की शुरुआत करने वाले डॉ सिंह ने बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में फील्ड ऑपरेशन के दौरान साहस और सूझबूझ का परिचय दिया था
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लगभग दो दशकों की सेवा में उन्होंने रायगढ़ कोरबा रायपुर दुर्ग और कबीरधाम जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया है हर जिले में उनकी पहचान सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी के रूप में बनी
इंटेलिजेंस विंग में रहते हुए उन्होंने सूचना तंत्र को मजबूत किया जिससे अपराध नियंत्रण और रणनीतिक पुलिसिंग को नई धार मिली
डॉ सिंह की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान सामुदायिक पुलिसिंग रही है कबीरधाम में उन्होंने युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया वहीं पूर्व नक्सलियों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए शिक्षा के रास्ते खोले
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डॉ सिँह के लिए जशपुर में उनके लिए कई चुनोतियाँ है -अपराध नशा तस्करी मानव तस्करी, गौ तस्करी और और कई अवैध गतिविधियों है जिनके लिए कोई स्थान नहीं होगा. नशा कारोबार पर सख्ती,साइबर अपराधों पर तकनीकी नियंत्रण.आदिवासी समाज के साथ सीधा संवाद और पुलिस की जवाबदेही उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है
डॉ लाल उमेद सिंह सादगी अनुशासन और फील्ड लीडरशिप के लिए जाने जाते हैं वे कार्यालय की बजाय जमीन पर रहकर जवानों और जनता के बीच काम करने में विश्वास रखते हैं. उनका मानना है कि मजबूत कानून व्यवस्था जनता के विश्वास से ही कायम होती है.
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