बाइक स्टंट और हाईवे पर बर्थडे मनाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, हाईकोर्ट ने सरकार को नई गाइडलाइन बनाने दिए निर्देश
रायपुर | 29 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सुदूर अंचल की माटी से उपजी एक खास खुशबू अब सात समंदर पार जापान की राजधानी टोक्यो तक महक उठी है। कभी स्थानीय खेतों और ग्रामीण रसोईयों तक सीमित रहने वाला जीआई (GI) टैग प्राप्त पारंपरिक सुगंधित चावल ‘नगरी दुबराज’ आज वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ का नया गौरव बन गया है।
बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, देखें सूची
जशपुर जिले में प्रशासनिक नए अधिकारियों की पदस्थापना, कई अधिकारी हुए रिलीज़
इस असाधारण सफलता के पीछे किसी बड़े कॉरपोरेट घराने का नहीं, बल्कि गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) से जुड़ी उन दृढ़निश्चयी महिला किसानों का हाथ है, जिन्होंने पारंपरिक खेती को आधुनिक बाजार से जोड़कर एक नई इबारत लिखी है।
Drishyam 3: 2 अक्टूबर को रिलीज होगी अजय देवगन की फिल्म, एडवांस बुकिंग में दिखा जबरदस्त क्रेज
जब परंपरा ने थामा आधुनिक तकनीक का हाथ
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नगरी दुबराज को महज एक कृषि उपज के रूप में नहीं, बल्कि पीढ़ियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत के रूप में सहेजा गया। गट्टासिल्ली एफपीओ ने स्थानीय किसानों को संगठित किया और इस पारंपरिक धान की जैविक खेती, वैज्ञानिक ग्रेडिंग, मूल्य संवर्धन (Value Addition) और आकर्षक ब्रांडिंग पर जोर दिया। इसी का परिणाम है कि आज यह चावल देसी सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा है और इसकी खेप सीधे जापान भेजी गई है।
1 से 3 नवम्बर तक आयोजित होगा राज्योत्सव
बदलाव की कर्णधार: गांव की महिला उद्यमी
इस पूरी सफलता की सबसे बड़ी रीढ़ यहां की महिलाएं हैं। नगरी अंचल की ये महिलाएं अब केवल खेतों में श्रम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एफपीओ के वित्तीय प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, सामूहिक सौदेबाजी और डिजिटल मार्केटिंग के फैसले खुद ले रही हैं। इस सामूहिक मॉडल ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनमें एक नया व्यावसायिक आत्मविश्वास पैदा किया है।
झारखंड के पारंपरिक वाद्य ‘मांदर’ को मिला GI टैग; ‘रायडीह गुमला के कारीगरों की पीढ़ियों पुरानी कला को वैश्विक मुहर
अब एक क्लिक पर अमेजन और ओएनडीसी पर उपलब्ध
बदलते दौर और डिजिटल क्रांति के साथ कदमताल करते हुए इस एफपीओ ने उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच बनाई है। आज ‘नगरी दुबराज’ दुनिया के सबसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन (Amazon), ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और ट्राइब्स इंडिया (Tribes India) पर ऑनलाइन उपलब्ध है। देश-दुनिया का कोई भी कोना हो, उपभोक्ता अब महज एक क्लिक पर इस पारंपरिक खुशबू को अपने घर मंगा सकते हैं।
बाइक सवार सावधान: अब पीछे बैठने वाले ने हेलमेट नहीं लगाया तो कटेगा ऑनलाइन चालान, ई-चालान सिस्टम में जुड़ा नया विकल्प
प्रशासन और ‘प्रदान’ संस्था का मजबूत संबल
महिला किसानों की इस उड़ान को पंख देने में धमतरी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और गैर-सरकारी संगठन ‘प्रदान’ (PRADAN) की अहम भूमिका रही है। संस्था ने महिलाओं के क्षमता निर्माण (Capacity Building), जैविक कृषि प्रशिक्षण और मजबूत मार्केट लिंकेज स्थापित करने में निरंतर तकनीकी व रणनीतिक सहयोग प्रदान किया है।
स्पैम और फर्जी कॉल्स पर TRAI का बड़ा एक्शन: AI और मशीन लर्निंग से पकड़े जाएंगे स्पैमर्स, नंबर होंगे तुरंत ब्लॉक
ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया सवेरा
‘नगरी दुबराज’ की यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब परंपरा, महिला नेतृत्व, आधुनिक तकनीक और सही बाजार रणनीति का संगम होता है, तो किस तरह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत होती है। गट्टासिल्ली एफपीओ का यह सफर आज देश भर के किसानों और महिला समूहों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल बन चुका है।
Cardiogenic Shock: हार्ट अटैक के बाद हो सकता है ये जानलेवा खतरा, जानें लक्षण और बचाव


