रायपुर
छत्तीसगढ़ अधिकारी–कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले आज प्रदेशभर में करीब 5 लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहे कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलमबंद और कामबंद आंदोलन किया और सरकारी कार्यालयों का बहिष्कार किया कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूप ले सकता है
कर्मचारियों की प्रमुख मांगे हैं कि केंद्र के समान 2% महंगाई भत्ता तिथि से लागू किया जाए तथा 2019 से लंबित भत्ते का एरियर जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के साथ चार स्तरीय समयमान वेतनमान 8, 16, 24 और 30 वर्ष की सेवा पूरी होने पर लागू करने की भी मांग की गई है सहायक शिक्षक एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान देने कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने और अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू कर 10% सीलिंग समाप्त करने की भी प्रमुख मांगें हैं
इसके अलावा मध्यप्रदेश की तर्ज पर 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की सुविधा देने सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष करने तथा कार्यभारित संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण भी शामिल है
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि सरकार ने यदि इस दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन और अधिक उग्र हो जाएगा

