रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रोजगार का अभाव एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है, जिसका खुलासा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के हालिया आंकड़ों से हुआ है। विभाग के अनुभाग अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित इस आधिकारिक प्रपत्र ने राज्य के कई जिलों में पलायन की एक डरावनी तस्वीर पेश की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे प्रदेश में कबीरधाम जिला पलायन का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहाँ पिछले लगातार तीन वर्षों से पलायन करने वाले ग्रामों की संख्या 627 से 628 के बीच बनी हुई है। कबीरधाम के साथ-साथ बेमेतरा जिले में भी पलायन का स्तर काफी ऊँचा देखा गया है, जो स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों की भारी कमी की ओर इशारा करता है।
इन आंकड़ों का सबसे चिंताजनक पहलू बलौदाबाजार जिले में देखने को मिला है, जहाँ पिछले तीन सालों से पलायन का आंकड़ा 579 पर पूरी तरह स्थिर है। यह स्थिरता इस बात का प्रमाण है कि तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद यहाँ के ग्रामीणों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है और वे आज भी उसी अनुपात में बाहर जाने को मजबूर हैं। वहीं मुंगेली और बिलासपुर जैसे जिलों में स्थिति और भी खराब हुई है।
मुंगेली में पलायन करने वालों की संख्या जो वर्ष 2024-25 में 261 थी, वह 2025-26 में अचानक बढ़कर 445 तक पहुँच गई है। इसी तरह बिलासपुर में भी यह ग्राफ लगातार ऊपर की ओर भाग रहा है।
सरकारी रिपोर्ट स्पष्ट रूप से स्वीकार करती है कि इस पलायन का एकमात्र और मुख्य कारण ‘रोजगार और जीविकोपार्जन’ है। हालांकि, राहत की बात केवल रायपुर जैसे कुछ गिने-चुने जिलों में दिखी है, जहाँ पलायन की संख्या शून्य दर्ज की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि राजधानी के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बेहतर हैं।
कुल मिलाकर, यह डेटा राज्य की ग्रामीण विकास योजनाओं पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। यह साफ है कि कागजों पर चल रही योजनाओं के इतर धरातल पर अब भी बड़े पैमाने पर स्थायी रोजगार सृजन की तत्काल आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को अपना घर-बार छोड़कर परदेश न जाना पड़े।
|
क्र. |
जिला |
वर्ष 2023-24 |
वर्ष 2024-25 |
वर्ष 2025-26 |
पलायन का कारण |
|---|---|---|---|---|---|
|
1 |
कबीरधाम |
627 |
628 |
628 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
2 |
बलौदाबाजार |
579 |
579 |
579 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
3 |
मुंगेली |
283 |
261 |
445 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
4 |
बिलासपुर |
351 |
384 |
438 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
5 |
जांजगीर-चांपा |
396 |
391 |
416 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
6 |
जशपुर |
439 |
312 |
276 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
7 |
बलरामपुर |
256 |
284 |
288 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
8 |
बेमेतरा |
162 |
162 |
162 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
9 |
सूरजपुर |
127 |
127 |
127 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
10 |
राजनांदगांव |
59 |
59 |
59 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
11 |
रायगढ़ |
43 |
43 |
43 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
12 |
महासमुंद |
12 |
12 |
12 |
रोजगार / जीविकोपार्जन |
|
13 |
रायपुर |
0 |
0 |
0 |
– |
|
14 |
धमतरी |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
15 |
गरियाबंद |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
16 |
बलौद |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
17 |
दुर्ग |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
18 |
कोण्डागांव |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
19 |
बस्तर |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
20 |
नारायणपुर |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
21 |
कांकेर |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
22 |
दंतेवाड़ा |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
23 |
सुकमा |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
24 |
बीजापुर |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
25 |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
26 |
सक्ती |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
27 |
सारंगढ़-बिलाईगढ़ |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
28 |
मोहला-मानपुर-अ. चौकी |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
29 |
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
30 |
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
31 |
कोरिया |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
32 |
सरगुजा |
0 |
0 |
0 |
निरंक |
|
33 |
कोरबा |
0 |
0 |



