FD Interest Rates: अगर आपका पैसा किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD में है या आप जल्द ही नई Fixed Deposit कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्मॉल फाइनेंस बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। RBI के मुताबिक, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य FD की ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है।
1. वेबसाइट पर पहले से बतानी होगी FD Interest Rate
नए नियमों के तहत स्मॉल फाइनेंस बैंकों को अपनी FD की ब्याज दरों की जानकारी वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी। ग्राहकों को FD कराने से पहले यह पता चल सकेगा कि अलग-अलग अवधि की जमा पर कितना ब्याज दिया जा रहा है। बैंक को अपनी लागू ब्याज दरों की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। इससे ग्राहक FD कराने से पहले अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकेंगे।
2. एक जैसी FD पर समान ब्याज दर
RBI ने ब्याज दरों में समानता को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाया है। एक ही दिन समान राशि और समान अवधि की FD कराने वाले ग्राहकों को समान ब्याज दर देनी होगी। इसका मतलब है कि बैंक एक ही तरह की FD के लिए अलग-अलग ग्राहकों को मनमाने तरीके से अलग ब्याज दर नहीं दे सकेंगे। यह व्यवस्था बैंक की सभी शाखाओं में लागू होगी।
3. ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की FD को माना जाएगा Bulk Deposit
RBI के नियमों के अनुसार, ₹3 करोड़ या उससे अधिक की एकल जमा राशि को Bulk Deposit माना जाएगा। ऐसी बड़ी FD आमतौर पर कंपनियों, ट्रस्ट, संस्थानों और बड़े निवेशकों की ओर से कराई जाती है। हालांकि, Bulk Deposit पर सामान्य FD वाला समान ब्याज दर का नियम लागू नहीं होगा। बैंक ऐसी बड़ी जमाओं के लिए अलग-अलग ब्याज दर तय कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले से स्पष्ट नीति बनाकर प्रकाशित करनी होगी।
4. Bulk FD पर NRI ग्राहकों के लिए भी नियम
नए प्रावधानों के तहत Bulk Deposit से जुड़े ये नियम NRI ग्राहकों की बड़ी जमाओं पर भी लागू होंगे। बैंक ब्याज दरों में अंतर करते समय पहले से निर्धारित और सार्वजनिक नियमों का पालन करेंगे।
5. FD कराने वालों को क्या फायदा होगा?
RBI के इन बदलावों से FD ग्राहकों के लिए ब्याज दरों को समझना और अलग-अलग बैंकों की तुलना करना आसान हो सकता है। ग्राहक FD कराने से पहले वेबसाइट पर उपलब्ध दरों की जानकारी देख सकेंगे और उसी के आधार पर निवेश का फैसला ले सकेंगे।


