रायपुर:
छत्तीसगढ़ के निर्माण श्रमिकों के बच्चों का भविष्य संवारने और उन्हें उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और सराहनीय निर्णय लिया है। ‘अटल करियर निर्माण योजना’ के तहत प्रदेश के 1,000 प्रतिभावान बच्चों को नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रवेश परीक्षाओं के लिए पूरी तरह मुफ्त (निश्शुल्क) कोचिंग दी जाएगी।
यह महत्वपूर्ण फैसला नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ के पांचवें कार्यकाल की नौवीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने की।
20 उत्कृष्ट विद्यालयों में 200 बच्चों को मुफ्त शिक्षा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ को भी हरी झंडी दी गई:
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कक्षा 6वीं में प्रवेश: राज्य के चयनित 20 उत्कृष्ट विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के 200 बच्चों को कक्षा 6वीं से निश्शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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सामाजिक सुरक्षा: बैठक में ‘सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020’ के तहत योजनाओं को और अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने पर विस्तृत रणनीति बनाई गई।
श्रमिकों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार कटिबद्ध
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। नई योजनाओं की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार संसाधनों के अभाव में शिक्षा और विकास से वंचित न रहे।
इस बैठक में मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रम विभाग के उप सचिव विपुल गुप्ता और अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



