देश में कैसे दूर होगी डॉक्टरों की कमी? ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार: देखिए सरकार का ‘मिशन 1: 811’; गांवों में तैनाती के लिए You Quote, We Pay स्कीम और 157 नए मेडिकल कॉलेज तैयार , जानिए स्वास्थ्य सेक्टर में बदलाव की पूरी इनसाइड स्टोरी
नई दिल्ली | 28 मार्च 2026
भारत के जनजातीय क्षेत्रों में इन दिनों एक शांत लेकिन बेहद प्रभावशाली क्रांति आकार ले रही है, जहाँ सदियों पुराने पारंपरिक हुनर को वैश्विक अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में आयोजित ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026’ इस बदलाव का सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय और ट्राइफेड (TRIFED) के साझा प्रयासों से अब आदिवासी कारीगर केवल कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता नहीं रह गए हैं, बल्कि वे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रीमियम उत्पादों के निर्माता और ब्रांड स्वामी के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। यह बदलाव वन-आधारित आजीविका को उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदलने की उस नीति का परिणाम है, जिसने विरासत और महत्वाकांक्षा का एक अनूठा संगम तैयार किया है।


