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सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने जारी किया सख्त आदेश; कार्य-पटल बदलना हुआ अनिवार्य, रोकना हो तो देना होगा कारण

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट, पारदर्शिता और सुशासन लाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (साप्रवि) ने आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि अब प्रदेश के मंत्रालय से लेकर जिला कलेक्टर कार्यालयों तक में एक ही टेबल या जगह पर तीन साल से अधिक समय से जमे अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य-पटल (टेबल) अनिवार्य रूप से बदले जाएंगे।

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सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा जारी इस परिपत्र में राज्य के सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी कर्मचारी को उसी कार्य-पटल पर रोकना बेहद जरूरी हो, तो उसके लिए सक्षम प्राधिकारी से लिखित और कारणयुक्त (Reasoned) अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

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क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र में इस निर्णय के पीछे के मुख्य कारणों को भी स्पष्ट किया गया है:

कार्यकुशलता और दक्षता में वृद्धि: लंबे समय से एक ही टेबल पर काम कर रहे कर्मचारियों को विभाग के अन्य कार्यों का भी व्यावहारिक अनुभव मिले, जिससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही: कार्य-पटल में नियमित बदलाव से प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आएगी, सुशासन को बढ़ावा मिलेगा और मनमानी या गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा।

प्रशिक्षण व सर्वांगीण विकास: कर्मचारियों को समय-समय पर अलग-अलग कार्यों में सहभागिता का मौका मिलेगा, जिससे वे कार्यालयीन प्रक्रियाओं और नियमों से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।

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विभागों को दिए गए सख्त निर्देश:

  1. तीन वर्ष में अनिवार्य ट्रांसफर: सभी शासकीय कार्यालयों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों और अधीनस्थ दफ्तरों में तीन साल पूरा कर चुके अफसरों-कर्मचारियों की टेबल बदलना अनिवार्य होगा।

  2. कार्यालयीन हित का ध्यान: कार्य-पटल बदलते समय संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की कार्य प्रकृति और प्रशासनिक आवश्यकता का समुचित ध्यान रखा जाएगा।

  3. अभिलेख संधारण: प्रत्येक कार्यालय प्रमुख को अपने स्तर पर कार्य-पटल परिवर्तन का पूरा विवरण और आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड में संधारित (Maintain) करके रखना होगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों को इस आदेश का कड़ाई, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

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