नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने तकनीक, खेल, मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम को रेखांकित किया। पीएम ने दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुई ‘Global AI Impact Summit’ की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब दुनिया के लिए AI का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।
AI का आधुनिक अवतार और प्राचीन ज्ञान का संरक्षण
प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे भारत मंडपम में आयोजित समिट के दौरान दुनिया भर के नेता ‘Made in India’ AI मॉडल्स को देखकर दंग रह गए। उन्होंने विशेष रूप से दो उदाहरण दिए, जहाँ तकनीक की मदद से 24×7 पशुओं के स्वास्थ्य और डेयरी प्रबंधन की निगरानी की जा रही है। पीएम ने बताया कि कैसे AI की मदद से प्राचीन पांडुलिपियों की इमेज क्वालिटी सुधारकर उन्हें मशीन-रीडेबल टेक्स्ट और फिर विभिन्न भाषाओं में अनुवादित किया जा रहा है।
‘जो खेले-वो खिले’: विदेशी जर्सी में भारतीय दिल
T-20 वर्ल्ड कप का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने विदेशी टीमों में खेल रहे भारतीय मूल के खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चाहे वह कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा हों, अमेरिका के मोनांक पटेल हों या ओमान और न्यूजीलैंड की टीमों में शामिल भारतीय चेहरे—ये सभी खिलाड़ी ‘भारतीयता’ का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जर्सी भले ही किसी और देश की हो, लेकिन इन खिलाड़ियों की सफलता पर हर भारतीय का दिल खुशी से भर जाता है।”
अंगदान: मासूम आलिन और मानवता की मिसाल
संबोधन के दौरान पीएम मोदी भावुक भी हुए। उन्होंने केरल की 10 महीने की नन्ही आलिन शेरिन अब्राहम को श्रद्धांजलि दी, जिसके माता-पिता ने दुख की घड़ी में भी अपनी बच्ची के अंगदान का फैसला लिया। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की लक्ष्मी देवी (हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद केदारनाथ यात्रा) और राजस्थान के रामदेव सिंह जैसे उदाहरणों के जरिए अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता को एक ‘जीवनदायी’ बदलाव बताया।
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति: राष्ट्रपति भवन में ‘राजाजी’
सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते हुए पीएम ने घोषणा की कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय प्रांगण में स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़कर अपने महापुरुषों को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है, जहाँ अब ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस की जगह भारत के सपूत की प्रतिमा होगी।
डिजिटल सुरक्षा और किसानों की सफलता
प्रधानमंत्री ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ और वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर देशवासियों को आगाह किया। उन्होंने ‘KYC’ (Know Your Customer) की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि अपने पासवर्ड बदलते रहें और केवल अधिकृत माध्यमों से ही बैंक विवरण साझा करें।
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए उन्होंने ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल के मॉडल की सराहना की, जिन्होंने एक ही खेत में मछली पालन, फल और सब्जी उगाकर मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि भारत आज 15 करोड़ टन से अधिक उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है और हमारे कृषि उत्पाद अब मालदीव जैसे देशों तक हवाई मार्ग से पहुँच रहे हैं।
अंत में, प्रधानमंत्री ने परीक्षा दे रहे छात्रों को ‘एग्जाम वॉरियर’ बनने और परिणाम की चिंता किए बिना मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने आने वाले रमजान और होली के त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए एक बार फिर ‘Vocal for Local’ का मंत्र दोहराया और लोगों से स्वदेशी सामान खरीदने का आग्रह किया।

