रायपुर/रांची: इस साल का रमजान-उल-मुबारक का महीना न केवल इबादत और सब्र का पैगाम लेकर आया, बल्कि एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक संयोग का गवाह भी बना।
पूरे 26 साल बाद ऐसा मौका आया है जब मुकद्दस रमजान के महीने में पांच जुमे (शुक्रवार) पड़े हैं। आज पांचवें और आखिरी यानी ‘अलविदा जुमे’ की नमाज के साथ ही इस पाक महीने की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है।
धार्मिक जानकारों और उलेमाओं के मुताबिक, आमतौर पर रमजान के 29 या 30 दिनों के चक्र में चार जुमे आते हैं। लेकिन साल 2026 का कैलेंडर एक खास सौगात लेकर आया। इससे पहले ऐसा संयोग साल 2000 के आसपास देखा गया था। इस दुर्लभ मौके को अल्लाह की ‘खास नेमत’ माना जा रहा है। मस्जिदों के इमामों का कहना है कि पांच जुमे का होना इबादत के ज्यादा अवसर और गुनाहों से तौबा करने का एक बड़ा जरिया है।

