रायपुर 05 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार की दुर्भावनापूर्ण नीतियों के कारण पूरे प्रदेश में इलाज की स्थिति बदतर हो चुकी है। वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि मैदान में स्थितियां बेहद चिंताजनक हैं।
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वर्मा ने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले छोटे निजी अस्पताल भारी आर्थिक संकट में पहुंच गए हैं। 1200 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान लंबित है और अस्पतालों को आगामी 15 फरवरी से बिल सबमिट न करने की चेतावनी दी गई है। सितंबर 2025 के बाद किए गए इलाज का अब तक भुगतान नहीं मिला है, जिससे वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही ये राशि लेप्स होने का खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष आयुष्मान के लिए 10 से 15 प्रतिशत बजट बढ़ाया जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने पिछले वर्ष के 2500 करोड़ के बजट को घटाकर चालू वर्ष में मात्र 1500 करोड़ कर दिया। अस्पतालों को पिछले साल के टीडीएस का क्रेडिट तक प्राप्त नहीं हुआ है और इस वर्ष भी बीते 9 महीने से भुगतान अटका हुआ है। दूसरी ओर फायर सेफ्टी के नाम पर निजी अस्पतालों से मनमानी वसूली की जा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी बेहद खराब हो चुकी है। जांच, उपचार और दवाओं की कमी से मरीज भटक रहे हैं। आर्थिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की वजह से प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ रही है और मरीज बेमौत मरने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य ढांचा 2018 की तुलना में ढाई गुना विकसित हुआ था। सभी जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी रूप में उन्नत किया गया था, ब्लॉक अस्पतालों में भर्ती की सुविधाएं बढ़ाई गई थीं, डायलिसिस और क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित किए गए थे। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 25 लाख तक की सहायता उपलब्ध थी। राज्य में 4000 से अधिक डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और सहायक कर्मियों की भर्ती की गई थी। हाट-बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू की गई थीं।
वर्मा ने कहा कि सरकार बदलते ही दो सालों के भीतर ही सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं और स्वास्थ्य ढांचा बिखर गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार तत्काल आयुष्मान भुगतान जारी करे और मरीजों के उपचार की बाधित सेवाओं को बहाल करे, ताकि आम जनता का जीवन सुरक्षित रह सके।

