रायपुर, 21 फरवरी 2026। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से रायपुर में ‘उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को मजबूत करने’ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री दयालदास बघेल, एनसीडीआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. पी. साही और केंद्रीय उपभोक्ता मामले सचिव श्रीमती निधि खरे की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तकनीक और आपसी सहयोग के माध्यम से उपभोक्ता न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाना है।
अपने संबोधन में मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि ई-फाइलिंग, ई-हियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक सुधारों से उपभोक्ता न्याय प्रणाली अब अधिक त्वरित और सस्ती हो जाएगी। उन्होंने ई-कॉमर्स के दौर में ‘डार्क पैटर्न्स’ जैसी चुनौतियों से निपटने और उपभोक्ता आयोगों के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। इसी क्रम में केंद्रीय सचिव श्रीमती निधि खरे ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाई गई है, जो इस मंच की प्रभावशीलता का प्रमाण है। उन्होंने ‘ई-जाग्रति’ प्लेटफॉर्म और एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग को पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अनिवार्य बताया।
इस कार्यशाला में बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और झारखंड के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। दो दिनों तक चलने वाले विभिन्न तकनीकी सत्रों में डिजिटल चुनौतियों, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में आवश्यक संशोधनों और अदालती कार्यवाही में एकरूपता लाने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। कार्यक्रम में विधिक मापविज्ञान और जन विश्वास विधेयक पर भी चर्चा की गई ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों का हर स्तर पर संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। एनसीडीआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. पी. साही ने रिक्त पदों को भरने और नियमित समीक्षा के माध्यम से समय पर न्याय दिलाने का आह्वान किया है।

