निजी स्कूलों की मनमानी पर सीएम साय  बोले- अभिभावक रहें निश्चिंत, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कठोर कार्रवाई

उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में अप्रैल 2026 की शुरुआत ने सबको चौंका दिया है। आमतौर पर इस समय तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, लेकिन इस बार कई शहरों में यह गिरकर 21 डिग्री तक पहुँच गया है। लगातार हो रही बेमौसम बारिश, ओले और ठंडी हवाओं ने अप्रैल के महीने में फरवरी जैसा अहसास करा दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ यानी पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है।

छत्तीसगढ़ आयुष्मान योजना में बड़ा एक्शन:  प्रदेश के 59 अस्पतालों पर गिरी गाज, 33 अस्पताल निलंबित और 26 का भुगतान रुका

क्या होता है वेस्टर्न डिस्टर्बेंस?

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक मौसमी प्रणाली है जिसकी शुरुआत भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से होती है। वहाँ से उठने वाली ठंडी हवाएं जब भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पहुँचती हैं, तो बारिश और बर्फबारी लाती हैं। वैसे तो यह सिस्टम दिसंबर से फरवरी के बीच सक्रिय रहता है, लेकिन इस साल मार्च और अप्रैल में एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गए, जिससे गर्मी को पैर पसारने का मौका ही नहीं मिला।

NHRC का कड़ा एक्शन: स्कूल के शौचालय में शराब, छात्र ने शीतल पेय समझकर पी, हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 57 छात्राएं बीमार और स्टील प्लांट में विस्फोट, आयोग ने सरकारों से मांगा जवाब

इस बार यह इतना खतरनाक क्यों है?

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार सिर्फ ठंडी हवाएं ही नहीं, बल्कि अरब सागर से उठने वाली गर्म और नम हवाएं भी इसमें मिल गई हैं। जब ऊपर से आने वाला ठंडी हवाओं का ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ नीचे से जाने वाली अरब सागर की ‘नमी’ से टकराता है, तो भारी बारिश, गरज-चमक और ओले पड़ने की स्थिति बनती है। राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय घेरे (Circulation) ने इसे और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है, जिससे तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।

अब मोबाइल पर फ्री मिलेंगी ‘योजना’ , ‘कुरुक्षेत्र’ और इंडिया ईयरबुक, जैसी सरकारी पत्रिकाएं, घर बैठे मंगवा सकेंगे किताबें

जलवायु परिवर्तन का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर ध्रुव (North Pole) का आर्कटिक क्षेत्र तेजी से गर्म हो रहा है। इसकी वजह से जेट स्ट्रीम (ऊपरी हवाओं की पट्टी) सीधी रहने के बजाय लहरदार हो गई है। यही कारण है कि पश्चिमी विक्षोभ अब सर्दियों के बाद वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में भी ज्यादा सक्रिय रहने लगे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 अप्रैल से एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है, जिससे अभी कुछ दिन और ऐसा ही उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने की उम्मीद है।

टोल प्लाजा पर अब कैश को ‘नो एंट्री’ 10 अप्रैल से देशभर में बंद होगा नकद भुगतान और बिना फास्टैग यूपीआई से देना होगा 25 प्रतिशत ज्यादा टोल

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version